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सरकार ने ‘स्वच्छता अभियान’ से कबाड़ बेचकर कमाए 800 करोड़, चांद मिशन के बजट से भी ज्यादा

800 Crore Earnings: पिछले महीने केंद्र सरकार ने एक बड़े पैमाने पर चलाए गए स्वच्छता अभियान से जबरदस्त कमाई की है. इस अभियान में मंत्रालयों और दफ्तरों से कबाड़ हटाकर उसे बेचने से सरकार को करीब 800 करोड़ रुपये मिले. मज़ेदार बात यह है कि यह रकम भारत के चांद पर सफलतापूर्वक उतरे मिशन चंद्रयान-3 के बजट (615 करोड़ रुपये) से भी ज्यादा है.

यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चला और इसमें अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना. करीब 232 लाख वर्ग फुट दफ्तर की जगह खाली हुई और 29 लाख फाइलें हटाई गईं. इतना ही नहीं, इस बार अभियान का दायरा भी सबसे बड़ा रहा, जिसमें 11.58 लाख दफ्तरों को शामिल किया गया.

मंत्रियों की निगरानी में सफल हुआ अभियान

इस पूरे काम की निगरानी तीन बड़े मंत्रियों मंसुख मांडविया, के राम मोहन नायडू और डॉ. जितेंद्र सिंह ने की. अभियान को सफल बनाने के लिए 84 मंत्रालयों और विभागों ने मिलकर काम किया, जिनमें विदेशों में मौजूद भारतीय मिशन भी शामिल थे.

मोदी सरकार का विशेष अभियान

दरअसल, मोदी सरकार ने 2021 से हर साल यह विशेष अभियान चलाना शुरू किया है. अब तक पांच बार यह अभियान हो चुका है और इसके नतीजे वाकई चौंकाने वाले हैं. इन पांच अभियानों में कुल 23.62 लाख दफ्तरों को कवर किया गया, 928.84 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई, 166.95 लाख फाइलें हटाई गईं और कबाड़ बेचकर सरकार ने कुल मिलाकर 4,097 करोड़ रुपये कमाए.

पीएम मोदी ने दिया प्रोत्साहन

इस बार मंत्रियों ने खुद दफ्तरों का दौरा किया, कर्मचारियों से बातचीत की और लंबित शिकायतों को कम करने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार मंत्रालयों को इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते रहे.

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सीधी भाषा में कहें तो, यह अभियान सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रहा बल्कि सरकार के लिए बड़ी कमाई का जरिया भी बन गया. कबाड़ से कमाई और जगह खाली होने से दफ्तरों का कामकाज भी आसान हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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