देश

भारत से भिड़ा पाक तो क्या साथ देंगे तुर्किये-सऊदी? समझें मक्का पैक्ट के 3 पेंच

Makka Pact Impact on India Pakistan War: पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए ‘मक्का पैक्ट’ के सक्रिय हो गया है. इसके साथ ही बड़ा सवाल तैरने लगा है कि क्या यह भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है? अचानक इस मुद्दे पर चर्चा इसलिए छिड़ गई है क्योंकि 5 अक्टूबर को मक्का पैक्ट के तहत सेनाएं तैनात करने का साझा फैसला लिया गया है. पाकिस्तान, भारत के साथ अपने पारंपरिक संघर्ष में एक ‘डिफेंस शील्ड’ की तरह पेश करने की ताक में है, खासकर हालिया ऑपरेशनों के बाद पैदा हुए सामरिक तनाव के बीच.

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति कागजी संधियों से नहीं बल्कि आर्थिक हितों से चलती है. सामरिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाकिस्तान भारत से भिड़ता (Makka Pact India Pakistan Relations) है, तो सऊदी अरब और तुर्किये कभी भी भारत के खिलाफ युद्ध के मैदान में सीधे नहीं उतरेंगे. इसके पीछे तीन बेहद मजबूत वजहें हैं जो मक्का पैक्ट की शर्तों से कहीं ऊपर हैं.

40 बिलियन डॉलर का व्यापार (Makka Pact and India Saudi Relations)

भारत और सऊदी अरब के रिश्ते आज ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं. भारत और सऊदी के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार 40 बिलियन डॉलर (3.3 लाख करोड़ रुपये) से अधिक का है, जबकि पाकिस्तान के साथ सऊदी का व्यापार 5 बिलियन डॉलर से भी कम है. भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

ये भी पढ़ें: 3 मजबूरियों का यू-टर्न! न..न.. करते पाकिस्तान ने क्यों एक्टिवेट किया मक्का पैक्ट?

सऊदी अपना करीब 16% और यूएई 11% कच्चा तेल भारत को निर्यात करता है. खाड़ी देशों में 89 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक कार्यरत हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. पूर्व भारतीय राजदूत नवदीप सूरी के मुताबिक, इन गहरे आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों के चलते सऊदी अरब कभी भी भारत के खिलाफ पाकिस्तान का सैन्य रक्षक बनकर आगे नहीं आएगा.

पाकिस्तान का स्वार्थी इस्तेमाल

मक्का पैक्ट को मूल रूप से पश्चिम एशिया के सुरक्षा संकट (यमन, लाल सागर और हूती खतरों) से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है. पाकिस्तान की फितरत हमेशा ऐसे समझौतों को कश्मीर या भारत केंद्रित बनाने की रही है.

इस पैक्ट में कोई एकीकृत जॉइंट मिलिट्री कमांड नहीं है और सेना की तैनाती प्रत्येक देश के राष्ट्रीय कानूनों और आपसी सहमति पर निर्भर करती है. ऐसे में सऊदी अरब किसी भी सूरत में पाकिस्तान की भारत विरोधी मुहिम का साझीदार बनने की सहमति नहीं देगा.

ये भी पढ़ें: मंदिर के नाम मुस्लिम महिला की ‘वसीयत’, संभल में पति के इंतकाल के बाद आखिर क्या हुआ?

तुर्किये का दोहरा रुख (Turkey Concern On Makka Pact)

तुर्किये की नीति पाकिस्तान को रक्षा उपकरण बेचने और राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगी. पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को 350 से ज्यादा सैन्य ड्रोन मुहैया कराए थे.

मक्का पैक्ट के बाद भी तुर्किये का यही रुख रहेगा. वह पाकिस्तान को हथियार और ड्रोन्स बेचकर मुनाफा कमाएगा और वैश्विक मंचों पर बयान जारी करेगा, लेकिन भारत जैसी सैन्य महाशक्ति के साथ सीधे युद्ध में उतरने का जोखिम अंकारा कभी नहीं उठाएगा.

भारत के पास क्या काट है? (India Power On Makka Pact)

भारत के पास इस त्रिपक्षीय समीकरण को बेअसर करने के पुख्ता विकल्प मौजूद हैं. मई 2026 में भारत द्वारा यूएई के साथ किया गया ऐतिहासिक रक्षा समझौता यह साबित करता है कि नई दिल्ली खाड़ी क्षेत्र में अपनी सुरक्षा पकड़ मजबूत कर रही है.

ये भी पढ़ें: जनता जानती है..! नवादा में गरजे प्रशांत किशोर, अनंत सिंह पर खुला PK का राज

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को सऊदी अरब से सीधे संवाद कर अपनी सामरिक चिंताएं स्पष्ट रखनी चाहिए. भारत की विशाल आर्थिक ताकत, ऊर्जा बाजार और खाड़ी में मजबूत प्रवासी उपस्थिति मक्का पैक्ट के किसी भी संभावित खतरे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह सक्षम है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

अंबेडकरनगर में सपा विधायक राम अचल राजभर के बेटे पर दबंगई का आरोप, दुकान में घुसकर मारपीट और लूटपाट

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में सपा विधायक राम अचल राजभर के बेटे पर बसखारी रोड…

15 minutes ago

पीएम मोदी को ‘मित्र’ कहकर लूला ने जताया आभार, बोले- भारत के साथ मजबूत करेंगे ग्लोबल साउथ की आवाज

Lula thanks PM Modi: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने चुनाव में जीत पर बधाई देने…

47 minutes ago

ट्रंप का बड़ा ऐलान! अमेरिका का 51वां राज्य बनेगा ये देश, चुनावी रैली में किया दावा

Donald Trump Venezuela remarks: डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास की चुनावी रैली में बड़ा ऐलान किया.…

59 minutes ago

दिल्ली में शराब शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब लंबी लाइनों से छुटकारा, मोबाइल ऐप से ऐसे होगी बुकिंग

दिल्ली सरकार के उपक्रम DSIIDC ने शराब प्रेमियों के लिए 'दिल्ली लिकर बुकिंग' मोबाइल ऐप…

1 hour ago

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार…भारत ने PAK को भेजा न्योता! क्या पिघल रही भारत-पाकिस्तान के बीच जमी बर्फ?

भारत ने दिल्ली में 20 से 22 नवंबर तक होने वाले पहले ‘सिविलाइज़ेशनल डायलॉग फोरम’…

1 hour ago