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भारतीय सेना और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीच ऐतिहासिक समझौता

आज भारतीय सेना के मुख्यालय केंद्रीय कमान और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक नीति, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की एक नई शुरुआत का संकेत देता है. यह MoU मेजर जनरल राजेश भट, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, पूर्वा यूपी एवं एमपी सब एरिया द्वारा मुख्यालय केंद्रीय कमान की ओर से तथा प्रोफेसर आशीष खरे, कुलसचिव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा हस्ताक्षरित किया गया. समारोह की गरिमा बढ़ाई प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव, कुलपति, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की उपस्थिति ने, और इसे दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने साक्षी स्वरूप देखा.

हस्ताक्षर के पश्चात्, मेजर जनरल राजेश भट और प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के बीच औपचारिक फोल्डर विनिमय हुआ, जो इस संस्थागत साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक था.

सैन्य और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझा प्रतिबद्धता

यह शैक्षणिक सहयोग रणनीतिक नीति निर्माण, संघर्ष प्रबंधन, शांति प्रयासों, आपदा प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी और मोबाइल नेटवर्क सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत मंच तैयार करने का उद्देश्य रखता है. यह MoU भारतीय सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर और पीएचडी शोध कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है.

समझौते के अनुसार, प्रतिवर्ष पांच स्नातकोत्तर सीटें (मेजर और उससे ऊपर के अधिकारियों हेतु) और चार पीएचडी सीटें (कर्नल और उससे ऊपर के अधिकारियों हेतु) आरक्षित की गई हैं. विश्वविद्यालय रणनीतिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संयुक्त अनुसंधान, संगोष्ठियों, सम्मेलनों और शोध पत्रों के प्रकाशन को भी प्रोत्साहित करेगा.

समझौते के कार्यान्वयन के लिए समन्वय समिति का गठन

MoU के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक समन्वय समिति गठित की गई है, जो दीर्घकालिक शैक्षणिक और रणनीतिक रोडमैप तैयार करेगी. यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता और सैन्य विशेषज्ञता के समन्वय के माध्यम से राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने और संस्थागत विकास को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

यह साझेदारी अकादमिक अनुसंधान और नीति-निर्माण के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय विमर्श को समृद्ध करना और भारत की सुरक्षा तथा विकास से जुड़े क्षेत्रों में मानव संसाधन विकास में योगदान देना है.


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विशाल तलवार

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