ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर
नई दिल्ली, 16 मई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत-2047’ का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल देश को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाने के साथ परमाणु व सोलर उर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी में जुटे हुए हैं. इसी कड़ी में ब्राजील में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में मनोहर लाल विकसित भारत का पावर मॉडल पेश करेंगे.
ब्राजील में “समावेशी और सतत वैश्विक शासन के लिए ग्लोबल साउथ सहयोग को सशक्त बनाना” थीम के तहत ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी. भारत की ओर से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ऊर्जा सुरक्षा सुलभता, वहनीयता और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे.
शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए.
ब्राजील यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. इसके साथ ही ब्राजील और अन्य देशों के ऊर्जा उत्पादन के मॉडल और प्रारूपों का भी बारीकी अध्ययन करेंगे.
विकासशील से विकसित भारत के सफर में ऊर्जा उत्पादन और आधारभूत ढांचा के सुदृढ़ीकरण के साथ रोजगार, उद्योग और अर्थव्यवस्था मजबूती सबसे अहम होगी. भारत के पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में ऊर्जा क्षेत्र का सबसे अहम स्थान है.
भारत ब्रिक्स देशों की बैठक में पिछले एक दशक में 90 प्रतिशत बिजली क्षमता वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका, और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार व सतत विकास की अपनी उपलब्धियों को साझा करेगा. साथ ही, ऊर्जा तक समान पहुंच और ऊर्जा संक्रमण को गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर सशक्त, भविष्योन्मुख और सतत ऊर्जा क्षेत्र के निर्माण का रोडमैप तैया करेंगे.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के पायदान पर पहुंच गया है. अब 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. केंद्र सरकार परमाणु संयंत्रों को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. देशभर में सात स्थानों पर 25 परमाणु संयंत्र संचालित कर रहा है, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 8,880 मेगावाट है, जो देश के बिजली उत्पादन में लगभग 3 प्रतिशत का योगदान देता है. 6,600 मेगावाट क्षमता वाले आठ रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, और 7,000 मेगावाट क्षमता वाले अन्य दस रिएक्टर परियोजना-पूर्व चरणों में हैं.
ब्रिक्स देशों के समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिणी अफ्रीका शामिल हैं. ब्रिक्स एक महत्वपूर्ण समूह है जो उभरते देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ब्रिक्स का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है और उन्हें एक मंच प्रदान करना है जहां वे आपसी सहयोग कर सकें. ब्रिक्स समूह के माध्यम से सदस्य देश आर्थिक विकास, वैश्विक शासन में सुधार और विकासशील देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं. ब्रिक्स समूह आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने सदस्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है.
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