देश

मोदी सरकार की स्थिर नीतियों और ‘स्टार्टअप इंडिया’ ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत

भारत के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों ने गुरुवार को कहा कि पिछले एक दशक में देश का स्टार्टअप क्षेत्र अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ा है. इसके पीछे स्थिर सरकार की स्थिर नीतियां, स्टार्टअप इंडिया पहल, सरकार का सहयोग और मजबूत उद्यमशील संस्कृति बड़ी वजह रही है. ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 16 जनवरी को दस साल पूरे होने जा रहे हैं. इस मौके पर उद्यमियों का मानना है कि भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक बन चुका है और देश में उद्यमिता का भविष्य काफी उज्ज्वल है.

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स के लिए पिछला दशक बहुत अच्छा रहा है, खासकर जब इसकी तुलना दुनिया के दूसरे हिस्सों से की जाए. उन्होंने कहा कि नीतियों में स्थिरता और निरंतरता ने भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों से आगे रखा है.

दूरदर्शी सोच ने बदली भारत की स्टार्टअप सोच

निखिल कामथ के अनुसार, जहां वैश्विक निवेशक यूरोप, चीन और अमेरिका को लेकर सतर्क हैं, वहीं भारत को लेकर वे अब भी सकारात्मक सोच रखते हैं. उन्होंने कहा कि विदेश में भारत की स्टार्टअप कहानी अच्छे तरीके से बताई गई है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी है. कामथ ने यह भी कहा कि आज भारत में उद्यमिता को समाज में स्वीकार किया जाने लगा है और युवा इसे एक आकर्षक विकल्प मानने लगे हैं. ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें ‘स्टार्टअप प्रधानमंत्री’ बताया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दूरदर्शी सोच रखने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम को सफल बनाने पर भी पूरा ध्यान देते हैं.

रितेश अग्रवाल ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं को समाज की सोच बदलने का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि अब परिवारों में भी उद्यमिता को करियर के रूप में स्वीकार किया जाने लगा है. उन्होंने बताया कि उनकी अपनी मां ने भी उद्यमिता को तभी सम्मानजनक पेशा माना, जब सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप्स का समर्थन किया.

युवाओं में उद्यमिता और नवाचार की लहर

मैपमाईइंडिया के सीईओ और कार्यकारी निदेशक रोहन वर्मा ने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ को लेकर प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच ने युवाओं को प्रेरित किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा नेतृत्व आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत संदेश देता है और अगले दो दशकों में भारत के नवाचार क्षेत्र पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा.

मीशो के को-फाउंडर संजीव बर्नवाल ने कहा कि 2014 के बाद से ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाओं के कारण भारत का स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है. पॉलिसीबाजार के सीईओ और को-फाउंडर याशीष दहिया ने कहा कि सरकार की ‘कम सरकार, बेहतर शासन’ की सोच ने स्टार्टअप्स के लिए मजबूत आधार तैयार किया है.

उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ ने देशभर में उद्यमिता की लहर पैदा की है, जो शहरों के साथ-साथ जिलों और राज्यों तक पहुंची है.

ये भी पढ़ें- ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की मिसाल बना काशी-तमिल संगम, पीएम मोदी का पोंगल पर खास संदेश

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

Recent Posts

जमी हुई बर्फ बनी ब्रह्मांड की खिड़की, जानिए कैसे न्यूट्रिनो ने बदल दिया खगोल विज्ञान का इतिहास

दक्षिणी ध्रुव की बर्फ में छिपे ब्रह्मांड के रहस्यमयी कणों को पकड़ने की दिशा में…

2 minutes ago

ज्ञानेश कुमार के लिए गले की फांस बना फॉर्म-6, जानें क्या हैं वो 3 बदलाव जिन पर मचा है बवाल?

फॉर्म-6 में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद CEC ज्ञानेश कुमार घिर गए…

6 minutes ago

‘राहुल गांधी को बनाएंगे PM’… JDU नेता अनंत सिंह का बयान हुआ वायरल, जानिए क्या है सच

मोकामा विधायक पर अनंत सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इससे…

47 minutes ago

क्या आपके बाल भी हो जाते हैं चिपचिपे? कंडीशनर लगाते वक्त भूलकर भी न करें ये मिस्टेक

Hair Conditioner Mistakes: काले और घने बालों के लिए सिर्फ शैंपू ही नहीं, कंडीशनर लगाने…

53 minutes ago

प्रधानमंत्री मोदी से मिले एकनाथ शिंदे, कहा- सूखे को लेकर केंद्र सरकार से मिलेगी किसानों को बड़ी मदद

महाराष्ट्र में भीषण सूखे की स्थिति को लेकर शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के…

54 minutes ago

गलवान पर बनी सलमान खान की फिल्म में ऐसा क्या दिखा जो सरकार को लेना पड़ा एक्शन, 40 दिन तक क्यों हुआ री-शूट?

सलमान खान की फिल्म मातृभूमि को सूचना प्रसारण मंत्रालय से NOC मिल गई है. अब…

1 hour ago