प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सहित कई कार्यक्रमों में भाग लिया. उन्होंने सोमनाथ यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट किया. इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने काशी-तमिल संगम से मजबूत हुई ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का भी उल्लेख किया.
क्या कहा पीएम मोदी ने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हाल ही में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सिलसिले में मुझे सोमनाथ जाने का सौभाग्य मिला. इस दौरान ऐसे लोगों से भी मुलाकात हुई, जिन्होंने काशी-तमिल संगमम और सौराष्ट्र-तमिल संगमम जैसे प्रयासों की बहुत सराहना की. आज पोंगल के विशेष अवसर पर मैंने काशी-तमिल संगमम की अब तक की यात्रा के साथ ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और प्रगाढ़ करने में इसकी भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए हैं.”
हाल ही में #SomnathSwabhimanParv के सिलसिले में मुझे सोमनाथ जाने का सौभाग्य मिला। इस दौरान ऐसे लोगों से भी मुलाकात हुई, जिन्होंने काशी-तमिल संगमम और सौराष्ट्र-तमिल संगमम जैसे प्रयासों की बहुत सराहना की। आज पोंगल के विशेष अवसर पर मैंने काशी-तमिल संगमम की अब तक की यात्रा के साथ ही…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 15, 2026
पीएम मोदी ने बताया अपना अनुभव
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, “कुछ दिन पहले ही मुझे सोमनाथ की पवित्र भूमि पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लेने का सुअवसर मिला. इस पर्व को हम वर्ष 1026 में सोमनाथ पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार साल पूरे होने पर मना रहे हैं. इस क्षण का साक्षी बनने के लिए देश के कोने-कोने से लोग सोमनाथ पहुंचे. यह इस बात का प्रमाण है कि भारतवर्ष के लोग जहां अपने इतिहास और संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं, वहीं कभी हार ना मानने वाला साहस भी उनके जीवन की एक बड़ी विशेषता है. यही भावना उन्हें एक साथ जोड़ती भी है.”
पीएम ने आगे कहा, “इस कार्यक्रम के दौरान मेरी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से भी हुई, जो इससे पहले सौराष्ट्र-तमिल संगमम के दौरान सोमनाथ आए थे और इससे पहले काशी-तमिल संगमम के समय काशी भी गए थे. ऐसे मंचों को लेकर उनकी सकारात्मक सोच ने मुझे बहुत प्रभावित किया.”
क्या है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व?
सोमनाथ मंदिर की शाश्वत भावना का जश्न मनाने वाला चार दिवसीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गुरुवार को गिर सोमनाथ जिले के तटीय शहर वेरावल में शुरू हुआ. यह आयोजन 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले हमले की एक हजारवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है. इस वर्ष का उत्सव 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन की आगामी 75वीं वर्षगांठ के साथ भी मेल खाता है.
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प्रधानमंत्री ने शनिवार (10 जनवरी) को सोमनाथ पहुंचे और सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र का जाप किया. वे मंदिर में हुए ड्रोन शो भी देखा. प्रधानमंत्री मोदी ने शौर्य यात्रा में भी भाग लिया, जो सदियों से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित एक औपचारिक जुलूस है. उन्होंने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी भाग लिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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