‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर बढ़ा विवाद. (PC: भारत एक्सप्रेस )
National Song Controversy: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की उपस्थिति में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया. इस आयोजन के बाद कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राष्ट्रगीत के गायन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आए हैं, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पार्टी की नीति के तहत इसके शुरुआती दो पैराग्राफ ही गाए जाने चाहिए, ताकि इसे किसी भी तरह के विवाद से अलग रखा जा सके. वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत को कितना या किस तरह से गाना है, यह हर व्यक्ति की अपनी स्वतंत्रता और पसंद का विषय है. इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है, जहाँ बीजेपी ने कांग्रेस के इस रुख की आलोचना की है.
कांग्रेस की इस अजीबोगरीब आपत्ति पर उसकी ही गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने तीखा जवाब दिया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता बशीर अहमद ने कांग्रेस के रवैये को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी उन पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकती. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘वंदे मातरम’ कितना गाना है या कौन सा संस्करण गाना है, यह लोगों की अपनी पसंद का मामला है और कांग्रेस को अपनी सोच दूसरों पर थोपने का कोई अधिकार नहीं है.
कांग्रेस के इस रवैये पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चौतरफा हमला बोला है. बीजेपी ने कांग्रेस की इस मानसिकता की सख्त निंदा करते हुए उसे ‘मुस्लिम लीग’ की राह पर चलने वाली पार्टी करार दिया. बीजेपी का कहना है कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीक और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करने के बजाय कांग्रेस केवल अपने तुष्टिकरण के एजेंडे को चमकाने में लगी हुई है.
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के सम्मान से दूरी बनाई हो. इससे पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने यह विवादित फैसला सुनाया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पैरा ही गाए जाएंगे. अब जब देश भर में राष्ट्रगीत के पूर्ण सम्मान को बढ़ावा दिया जा रहा है, तब भी कांग्रेस ‘सांप्रदायिक रंग’ देने का मनगढंत बहाना बनाकर पूरे गीत के गायन का विरोध कर रही है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालने या सार्वजनिक अपमान करने पर 3 साल तक की जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान किया है. गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी और सार्वजनिक आयोजनों में तय प्रोटोकॉल के साथ राष्ट्रगीत का पूर्ण और सही उच्चारण के साथ गायन अनिवार्य किया गया है. लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय भावनाओं से परे हटकर अपनी विभाजनकारी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आ रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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