Anu Meena Suicide Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली सुसाइड मिस्ट्री सामने आई है, जिसने पूरे सूबे के प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. भोपाल के बहुचर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब जयपुर के ‘अनु मीणा सुसाइड केस’ ने लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है.
दिलचस्प बात यह है कि जिस तरह ट्विशा शर्मा मामले में रसूखदार आरोपी पति पहले पुलिस को छका रहा था, ठीक उसी तरह अनु मीणा की मौत का मुख्य आरोपी और पीडब्ल्यूडी (PWD) का एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पति गौतम मीणा भी पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए फरार चल रहा है.
इस बीच, अंडरग्राउंड चल रहे कातिल पति ने अज्ञात ठिकाने से एक सनसनीखेज वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताने का दावा ठोक दिया है, जिसके बाद इस सुसाइड मिस्ट्री में दावों और प्रतिदावों का एक नया दौर शुरू हो गया है.
गौतम मीणा ने अज्ञात जगह से जारी किए गए अपने इस सफाई वाले वीडियो में खुद को पूरी तरह मासूम दिखाते हुए सारा दोष अपनी मृत पत्नी अनु मीणा के सिर मढ़ दिया है. फरार इंजीनियर का दावा है कि उसकी पत्नी अनु स्वभाव से बेहद जिद्दी थी और जिस वक्त उसने यह खौफनाक कदम उठाया, वह फोन पर सीधे उसी से बात कर रही थी.
गौतम ने वीडियो में रोना रोया है कि उन दोनों के आपसी रिश्ते बेहद शानदार थे और ससुराल पक्ष द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं. उसने उल्टा ससुराल वालों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि अनु की मौत के तुरंत बाद उसके मायके वाले पूरी प्रॉपर्टी बच्चों के नाम ट्रांसफर करने का भयंकर दबाव बना रहे थे.
अपने वीडियो संदेश में फरार आरोपी पति गौतम मीणा ने कानूनी टाइमलाइन को ढाल बनाते हुए अनु के परिवार पर तीखे सवाल दागे हैं. उसका कहना है कि अगर उसने सचमुच अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया था या उसकी मौत में उसका कोई हाथ था, तो अनु के घरवालों ने घटना के तुरंत बाद केस क्यों नहीं दर्ज कराया?
गौतम ने दावा किया है कि करीब 40 दिनों तक चुप्पी साधे रखने के बाद सिर्फ प्रॉपर्टी हड़पने और उसे बदनाम करने की नीयत से यह झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है. वीडियो के आखिर में उसने यह भी ढोंग रचा है कि वह जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है.
इधर, अनु मीणा के मायके पक्ष और उसके भाई नीरज मीणा ने गौतम के इन तमाम दावों की धज्जियां उड़ाते हुए उसके खौफनाक और दरिंदगी से भरे अतीत का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है. भाई नीरज का रोंगटे खड़े कर देने वाला दावा है कि गौतम इससे पहले भी इसी साल 13 मार्च की काली रात को अनु और उसके दोनों मासूम बच्चों को जिंदा मौत के घाट उतारने की कोशिश कर चुका था.
उस रात हैवान बने गौतम ने अनु और बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और रसोई से एलपीजी गैस का सिलेंडर ऑन करके बाहर से ताला लगा दिया, ताकि पूरा घर बारूद का ढेर बन जाए. रात भर मौत के साए में कैद अनु ने चुपके से अपने एक रिश्तेदार को फोन कर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद रिश्तेदारों ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोला और अनु जैसे-तैसे बच्चों की जान बचाकर अपने पिता के घर त्रिवेणी नगर भागी थी.
इस पूरी खूनी दास्तान(Anu Meena Suicide Case) की नींव करीब 11 साल पहले 25 जुलाई 2015 को पड़ी थी, जब जयपुर के गोपालपुरा बाईपास के रहने वाले रिटायर्ड हेड कांस्टेबल रोहिताश मीणा ने अपनी लाडली बेटी अनु की शादी बड़े ही चाव और अरमानों के साथ सरकारी इंजीनियर गौतम मीणा से की थी. रोहिताश मीणा का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही रसूखदार दामाद का असली रंग सामने आने लगा और पैसों की अंतहीन डिमांड पूरी न होने पर उसने अनु का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया.
वह हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए मासूम बच्चों के सामने भी अनु को बेरहमी से डंडों और लातों से पीटता था. फिलहाल जयपुर पुलिस की टीमें इस वीडियो के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने और फरार इंजीनियर को सलाखों के पीछे भेजने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं, और साफ कर दिया है कि रसूख की धौंस में कानून से खिलवाड़ करने वाले इस आरोपी का अंजाम भी ट्विशा शर्मा केस के समर्थ सिंह जैसा ही होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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