अदालत ने जाली आयात बिल के जरिए देश से बाहर 329 करोड़ रुपए अंतरण करने से जुड़े धन शोधन के मामले में आरोपी को जमानत दे दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अपर्णा स्वामी ने आरोपी जतिन चोपड़ा को जमानत देते हुए कहा कि जांच अभी भी लंबित है और मुकदमा शुरू होने में समय लगेगा. इस दशा में उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है. आरोपी को 15 सितंबर, 2024 को हिरासत में लिया गया था.
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि आरोपी को आगे की जांच पूरी होने तक हिरासत में रहने दिया जाता है, तो इससे कानून का उद्देश्य विफल हो जाएगा. क्योंकि कानून आरोपी को जांच लंबित रहने की वजह से 90 दिनों से अधिक हिरासत में नहीं रखने के अधिकार की गारंटी देता है.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जतिन चोपड़ा को उस आधार पर गिरफ्तार किया था कि वह कई बार तलब किए जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ. धन शोधन का मामला दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की ओर से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है. ईडी ने पिछले साल जुलाई में इस मामले में आशीष कुमार वर्मा, विपिन बत्रा, रूपेश बत्रा और मोहन मदान को गिरफ्तार किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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