नई दिल्ली: आधुनिक भारत के इतिहास, लोकतंत्र के विकास और देश की सांस्कृतिक विरासत को समझने में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक अहम खबर है. न्यू इंडिया फाउंडेशन (एनआईएफ) ने कमलादेवी चट्टोपाध्याय एनआईएफ बुक प्राइज़ 2026 के लिए पांच किताबों की शॉर्टलिस्ट जारी कर दी है. ये सभी किताबें साल 2025 में प्रकाशित हुई थीं और आधुनिक व समकालीन भारत से जुड़े अलग-अलग विषयों पर रोशनी डालती हैं.
इस पुरस्कार के तहत विजेता लेखक को 15 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी. विजेता के नाम का ऐलान दिसंबर में होगा, जबकि पुरस्कार समारोह 12 दिसंबर को बेंगलुरु लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित किया जाएगा.
इस साल चुनी गई पांच किताबें भारत के सफर के कई अहम पहलुओं को सामने लाती हैं. इनमें संविधान बनने की कहानी, आजादी के बाद देश के विकास की चुनौतियां और एशिया के इतिहास को बदलने वाले विभाजन जैसे विषय शामिल हैं. इसके अलावा, कुछ किताबें उन व्यक्तियों के जीवन और अनुभवों को भी सामने लाती हैं, जिन्होंने राजनीति, कूटनीति और संगीत के क्षेत्र में अपनी खास पहचान बनाई.
एनआईएफ की यह पहल ऐसे लेखन को बढ़ावा देती है, जो इतिहास को केवल तारीखों और घटनाओं तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसके पीछे की परिस्थितियों, लोगों के अनुभवों और समाज में आए बदलावों को भी समझने में मदद करता है.
कमलादेवी चट्टोपाध्याय एनआईएफ बुक प्राइज़ 2026 की सूची में अलग-अलग विषयों पर लिखी गई किताबों को जगह मिली है.
इन पांच पुस्तकों को चुनने की जिम्मेदारी सात सदस्यीय निर्णायक मंडल को सौंपी गई थी. इसकी अध्यक्षता राजनीतिक वैज्ञानिक नीरजा गोपाल जयाल ने की. मंडल में टाटा संस और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, ट्राइलीगल के पार्टनर राहुल माथन, विज्ञान इतिहासकार जाह्नवी फालके, इतिहासकार श्रीनाथ राघवन, भारत की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव और उद्यमी मनीष सभरवाल भी शामिल थे.
शॉर्टलिस्ट की घोषणा करते हुए नीरजा गोपाल जयाल ने कहा कि इस साल की पांचों किताबें भारत को समझने की हमारी कोशिश को और गहरा बनाती हैं. उनके मुताबिक, इन रचनाओं की खासियत यह है कि ये देश के इतिहास और अनुभवों के उन पहलुओं को सामने लाती हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है. उन्होंने इस सूची में शामिल विषयों और शोध की विविधता पर भी संतोष जताया.
न्यू इंडिया फाउंडेशन ने इस पुरस्कार की शुरुआत 2018 में की थी. कमलादेवी चट्टोपाध्याय एनआईएफ बुक प्राइज़ को आधुनिक और समकालीन भारत पर लिखी गई कथेतर पुस्तकों के लिए देश के प्रमुख साहित्यिक पुरस्कारों में गिना जाता है. इसके लिए मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई या अंग्रेजी में अनूदित किताबों पर विचार किया जा सकता है. इसमें कथेतर लेखन की विभिन्न विधाओं को शामिल किया जाता है.
पिछले वर्षों में भी इस पुरस्कार के जरिए भारत के इतिहास और समाज को समझने वाली कई किताबों को पहचान मिली है. साल 2025 में अपराजित रामनाथ को उनकी पुस्तक Engineering a Nation: The Life and Career of M. Visvesvaraya के लिए सम्मानित किया गया था. वहीं, 2024 में अशोक गोपाल को A Part Apart: The Life and Thought of B.R. Ambedkar के लिए यह पुरस्कार मिला. साल 2023 के विजेता अक्षय मुकुल थे, जिन्हें Writer, Rebel, Soldier, Lover: The Many Lives of Agyeya के लिए चुना गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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