Kanpur Lucknow Expressway
Kanpur Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क धंसने और टूटने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हजारों करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर बारिश के दौरान सामने आई तस्वीरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. अब प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है.
कंपनी का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं रही. उसके मुताबिक सड़क को नुकसान लगातार हुई भारी बारिश और पानी जमा होने के कारण पहुंचा है. बारिश का पानी लंबे समय तक कुछ जगहों पर जमा रहा, जिससे नीचे की मिट्टी बैठ गई और सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ.
पीएनसी इंफ्राटेक ने बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल यानी HAM के तहत तैयार किया गया है. कंपनी का दावा है कि निर्माण के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI की ओर से तय सभी तकनीकी मानकों और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन किया गया था.
यूपी : लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस वे पर पेच वर्क के पास भरे बरसाती पानी को सुखाने के लिए 10 पंखे लगाए गए हैं !!
यह तकनीक देश से बाहर नहीं जानी चाहिए… https://t.co/fGBi4M9LSn pic.twitter.com/38LJUo8pJl
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 6, 2026
कंपनी ने यह भी कहा है कि जिन जगहों पर सड़क को नुकसान हुआ है, वहां मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. एक्सप्रेसवे पर फिलहाल वाहनों की आवाजाही जारी है और ट्रैफिक को सामान्य रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.
मरम्मत पर आने वाला खर्च भी कंपनी ही उठाएगी. पीएनसी इंफ्राटेक के मुताबिक, यह काम उसकी ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी में आता है. ऐसे में सड़क को ठीक करने के लिए NHAI को अलग से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा.
कंपनी ने कहा कि एक्सप्रेसवे की सुरक्षा, मजबूती और गुणवत्ता को लेकर वह गंभीर है. जहां भी समस्या सामने आई है, उसे जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा.
हालांकि कंपनी की सफाई के बाद भी सवाल पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सड़क का निर्माण तय मानकों के मुताबिक हुआ था, तो सामान्य मानसूनी परिस्थितियों में सड़क कैसे टूटी.
भारत में हर साल भारी बारिश होती है और सड़क परियोजनाओं को भी इसी मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. ऐसे में पानी की निकासी और मिट्टी की मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल कंपनी ने नुकसान की वजह बारिश को बताया है और मरम्मत की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ले ली है.
-भारत एक्सप्रेस
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