राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर गुजरात के एक छोटे बुनकर चमन सिजू की कहानी फिर चर्चा में आ गई है. सिजू ने उस मुलाकात को याद किया जब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला था. यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि उनके लिए ऐसा अनुभव बन गई जिसने उनके काम को एक नई दिशा दी.
गांधीनगर में छोटे बुनकरों और कारीगरों के लिए आयोजित एक टेक्सटाइल प्रदर्शनी के दौरान सिजू की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हुई थी. सिजू ने बताया कि पीएम मोदी ने उनके काम को ध्यान से देखा और ऑर्गेनिक कॉटन से ऐसे उत्पाद तैयार करने की सलाह दी, जिन्हें दुनिया के बड़े नेताओं को उपहार के रूप में दिया जा सके.
सिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री का मानना था कि इस तरह के उत्पादों से भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी. साथ ही, इससे देश के हथकरघा उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग भी हो सकेगी और स्थानीय बुनकरों को नए अवसर मिलेंगे.
सिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुझाव के बाद उन्होंने ऑर्गेनिक काले कॉटन से बने स्टोल तैयार किए. बाद में उन्हें दिल्ली बुलाया गया, जहां उन्होंने ये स्टोल प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपे. इनमें से एक स्टोल प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को उपहार में दिया था.
सिजू ने कहा कि बाद में प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया था कि शिंजो आबे के साथ इस ऑर्गेनिक कॉटन स्टोल को लेकर काफी चर्चा हुई थी. इतना ही नहीं, भारत यात्रा के दौरान शिंजो आबे ने उस स्टोल को पहना भी था. यह पल सिजू और उनके जैसे कई बुनकरों के लिए गर्व का विषय बन गया.
उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री जब भी विदेश यात्राओं पर जाते हैं, तो कई मौकों पर भारत में बने ऑर्गेनिक कॉटन और हथकरघा उत्पादों को उपहार के रूप में आगे बढ़ाते हैं. इससे भारतीय कारीगरों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलती है.
‘मोदी स्टोरी’ पोस्ट में हथकरघा को वैश्विक पहचान दिलाने का जिक्र
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘मोदी स्टोरी’ नाम के हैंडल से साझा की गई पोस्ट में भी इस घटना का जिक्र किया गया. पोस्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर नए तरीके अपनाए हैं. सोशल मीडिया रील्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक, हथकरघा को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश लगातार जारी है.
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी देश के बुनकरों और कारीगरों को याद किया. उन्होंने भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को आगे बढ़ाने वाली पीढ़ियों के योगदान की सराहना की.
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भारत एक्सप्रेस
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