कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. कारवार के तत्थेहकालु नदी में रविवार को एक ही परिवार के लोग सीपियां (मसल्स) इकट्ठा करने गए थे. इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव में कई लोग बह गए. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 7 महिलाएं शामिल हैं. दो लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है.
घटना के बाद प्रशासन और बचाव दल ने राहत कार्य शुरू किया. स्थानीय पुलिस के अनुसार, सभी लोग रोजमर्रा की तरह नदी से सीपियां इकट्ठा करने गए थे, लेकिन अचानक पानी बढ़ने से यह दुखद स्थिति बन गई. इस हादसे पर देश के प्रधानमंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताया है. उपमुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
इस दर्दनाक हादसे के बाद सरकार की तरफ से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भटकल के पास तत्थेहकालु बीच में सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के लोग हादसे का शिकार हो गए, जो बेहद दुखद है. उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द ढूंढा जा सके.
जानकारी के मुताबिक, लोग सीपियां इकट्ठा करने के लिए नदी में उतरे थे और धीरे-धीरे गहरे हिस्से की ओर चले गए. उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि वहां पानी कितना गहरा है और बहाव कितना तेज हो सकता है. उसी समय बारिश के कारण नदी का पानी अचानक बढ़ गया और बहाव तेज हो गया, जिससे कुछ लोग पानी में बहने लगे.
जब कुछ लोग डूबते या बहते दिखे, तो बाकी लोग उन्हें बचाने के लिए तुरंत नदी में उतर गए. लेकिन तेज बहाव के कारण वे भी उसमें फंस गए. इस तरह एक के बाद एक कई लोग पानी में बह गए और हालात और भी गंभीर हो गए.
पुलिस ने अब तक 8 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं और सभी की पहचान कर ली गई है. मरने वालों में उमेश मंजुनाथ नाईक (40) शामिल हैं, जो इस समूह में अकेले पुरुष थे. इसके अलावा सात महिलाएं भी इस हादसे में जान गंवा बैठीं, जिनमें लक्ष्मी महादेव नाईक (42), लक्ष्मी जट्टप्पा नाईक (30), लक्ष्मी अप्पण्णा नाईक (60), लक्ष्मी शिवराम नाईक (49), ज्योति मस्तम्मा नाईक (34), मालती नाईक (38) और मस्तम्मा नाईक (60) शामिल हैं. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे परिवार और इलाके में शोक का माहौल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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