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मोदी सरकार में केरलम का रेलवे आवंटन 10 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 27 में 3,795 करोड़ रुपए हुआ

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने केरलम में रेलवे के विकास के लिए बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है. उनके मुताबिक, 2014 में राज्य के रेलवे के लिए जहां 372 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये हो गया है. यानी पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के बजट में करीब दस गुना इजाफा हुआ है.

केरलम के सांसदों के साथ बैठक के बाद रेल मंत्री ने राज्य में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट्स और भविष्य की योजनाओं को लेकर जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि बढ़े हुए निवेश का इस्तेमाल रेलवे की क्षमता बढ़ाने, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर करने में किया जा रहा है.

मंगलुरु के रेलवे संचालन पर भी हुई चर्चा

वैष्णव ने बताया कि बैठक में मंगलुरु से जुड़े रेलवे संचालन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. उनके अनुसार, पहले मंगलुरु का रेलवे क्षेत्र तीन अलग-अलग जोन में बंटा हुआ था. इससे प्रशासनिक और संचालन स्तर पर कई तरह की परेशानियां सामने आती थीं.

रेल मंत्री ने कहा कि मंगलुरु को दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) के तहत बनाए रखने का फैसला इन दिक्कतों को दूर करने में मदद करेगा और रेलवे के कामकाज को ज्यादा व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.

रेल मंत्री के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में केरल के रेलवे नेटवर्क में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. राज्य में रेलवे लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है. इसके अलावा कई जगहों पर रेलवे लाइनों की डबलिंग और गेज कन्वर्जन का काम भी पूरा हुआ है.

सड़क और रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी समस्या कम करने के लिए राज्य में 131 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं. वहीं, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 16 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास भी पूरा हो चुका है.

20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स जारी

वैष्णव ने बताया कि इस समय केरल में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. इनमें नई रेलवे लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग से जुड़े नौ प्रोजेक्ट शामिल हैं. इसके अलावा 145 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास बनाने तथा 19 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है.

रेल मंत्री के अनुसार, 2014 से अब तक 4,316 करोड़ रुपये की लागत से करीब 670 किलोमीटर लंबे छह बड़े डबलिंग और गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं. इन कामों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे की क्षमता बढ़ाने और रेल संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिली है.

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-भारत एक्सप्रेस

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