युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ अब पड़ेगा भारी (AI IMAGE)
Paper Leak Fast Track Court: अजय भटनागर/भोपाल:मध्य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं की शुद्धता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए मोहन यादव सरकार ने एक बेहद सख्त और कड़ा कदम उठाया है. राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और नकल के मामलों पर पूरी तरह शिकंजा कसने के लिए सरकार और उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रदेश के चार प्रमुख महानगरों में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन कर दिया गया है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का सबसे पहला राज्य बन गया है, जिसने नकल माफिया के खिलाफ इस तरह की त्वरित न्यायिक प्रणाली तैयार की है.
यह विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर महानगरों में स्थापित की गई हैं, जिनका अधिकार क्षेत्र पूरे प्रदेश के जिलों में बंटा हुआ है:
इन विशेष अदालतों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें चार्जशीट दाखिल होने के महज 3 महीने के भीतर मामलों का निपटारा करने का कड़ा लक्ष्य दिया गया है. मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के नेतृत्व में विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है. इसके अलावा अदालतों में मुकदमों की पैरवी के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की गई है, जो साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण और गवाहों के प्रबंधन पर पूरा ध्यान देंगे ताकि कोई भी दोषी कानून की गिरफ्त से बच न सके.
राज्य सरकार की इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य उन लाखों मेहनतकश और योग्य युवाओं के हितों की रक्षा करना है जो अपनी कड़ी मेहनत के बल पर परीक्षा देते हैं. सरकार का यह सख्त संदेश साफ है कि परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वालों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब कानून पूरी सख्ती से पेश आएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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