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‘जब मियां-बीवी राजी तो…’: आमिर खान की शादी पर सवाल उठाने वालों को मौलाना गोरा ने दिया करारा जवाब

Aamir Khan 3rd Marriage: सहारनपुर/श्वेतांक त्यागी: अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी (Aamir Khan Marriage) को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं के बीच मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा (Maulana Qari Ishaq Gora) ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी फैसले पर दोहरे मापदंड अपनाना उचित नहीं है और समाज को हर मामले में समान दृष्टिकोण रखना चाहिए.

“जब मियां-बीवी राजी…”

मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, “जब मियां-बीवी राजी, तो क्या करेगा काजी.” उनका कहना था कि यदि दो बालिग व्यक्ति कानून के दायरे में रहकर अपनी मर्जी से कोई फैसला लेते हैं, तो उस पर अनावश्यक विवाद खड़ा करना या सार्वजनिक रूप से फैसला सुनाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी के निजी जीवन को बेवजह बहस का विषय बनाने से बचना चाहिए.

मीडिया की भूमिका पर उठाए सवाल

मौलाना कारी इसहाक ने मीडिया और समाज के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार अलग-अलग समुदायों के लोगों के मामलों में अलग-अलग नजरिया अपनाया जाता है. उनके मुताबिक, जब कोई मुसलमान किसी दूसरे समुदाय में विवाह करता है तो उस पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाते हैं और उसे “लव जिहाद” जैसे विवादित शब्दों से जोड़ दिया जाता है. वहीं, यदि इसी तरह का मामला किसी अन्य समुदाय से जुड़ा हो तो उसे प्रेम और सामाजिक बदलाव के उदाहरण के रूप में पेश किया जाता है.

मौलाना ने कहा कि समाज में इस तरह का दोहरापन उचित नहीं है. उनका मानना है कि न्यायपूर्ण और समान दृष्टिकोण ही एक सभ्य और लोकतांत्रिक समाज की पहचान है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी विषय पर पूर्वाग्रह से बचें और हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार करें.


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मौलाना ने आगे कहा कि देश के सामने शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक सद्भाव और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं. ऐसे में समाज और मीडिया को उन विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए जो आम लोगों के जीवन और देश की प्रगति से जुड़े हैं, बजाय इसके कि किसी के निजी जीवन को अनावश्यक विवाद का विषय बनाया जाए.

मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि किसी भी मामले में निष्पक्ष सोच और समान मानदंड अपनाना ही वास्तविक इंसाफ है. उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और व्यक्तिगत मामलों को अनावश्यक राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग देने से बचने की अपील की.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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