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मिर्जापुर के सरकारी स्कूलों में ‘डिजिटल क्रांति’: अदाणी फाउंडेशन ने 33 स्कूलों को दी इंटरएक्टिव पैनल की सौगात

Adani Foundation Digital Education India: डिजिटल इंडिया के दौर में मिर्जापुर के सरकारी स्कूलों की भी सूरत बदलने वाली है. दरअसल तकनीक और शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने के लिए अदाणी फाउंडेशन ने एक बड़ी पहल की है, जिससे जिले के हजारों छात्रों का भविष्य अब ‘स्मार्ट’ होने जा रहा है. बता दें कि फाउंडेशन ने तकनीकी नवाचार के जरिए न केवल कक्षाओं को आधुनिक बनाया है बल्कि ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई है.

75 इंच के इंटरएक्टिव पैनल से स्मार्ट हुई कक्षाएं

अदाणी फाउंडेशन ने मिर्जापुर के 33 सरकारी विद्यालयों में अत्याधुनिक 75 इंच के इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए हैं. इन डिजिटल बोर्ड्स के जरिए अब शिक्षक पारंपरिक ब्लैकबोर्ड के बजाय विजुअल्स और एनीमेशन का उपयोग कर पढ़ा रहे हैं. इससे (adani foundation initiatives) जटिल विषयों को समझना छात्रों के लिए न केवल आसान हो गया है, बल्कि कक्षाओं में उनकी रुचि और भागीदारी भी काफी बढ़ गई है.

‘स्कॉलर प्लैनेट’ ऐप: 5000 छात्रों की डिजिटल लाइब्रेरी

सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के साथ- साथ फाउंडेशन ने GCAP संस्था के सहयोग से 30 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं को ‘स्कॉलर प्लैनेट’ ऐप का एक्सेस दिया गया है. बता दें कि यह ऐप पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें पाठ्यक्रम आधारित सामग्री के साथ-साथ ऑनलाइन मॉक टेस्ट और असाइनमेंट की सुविधा है. खास बात यह है कि शिक्षक खुद अपनी सामग्री अपलोड कर सकते हैं, जिससे छात्रों को हमेशा अपडेटेड नोट्स मिलते हैं.

NEET, JEE और भविष्य की तकनीकों की तैयारी

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सिर्फ स्कूली किताबों तक सीमित नहीं है. यहां छात्र NEET और JEE जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं. इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी भविष्य की तकनीकों से जुड़ी जानकारी भी छात्रों को दी जा रही है. वहीं आईटीआई छात्रों के लिए इसमें विशेष मॉक टेस्ट की भी व्यवस्था है.

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रियल-टाइम मॉनिटरिंग और शिक्षकों का प्रशिक्षण

इस पूरी पहल (adani foundation initiatives) को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्कूलों को रीयल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराया गया है, जिससे छात्रों की प्रगति की लाइव निगरानी संभव है. शिक्षकों को इस तकनीक के प्रति सहज बनाने के लिए विशेष क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं. साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों और शिक्षकों को ‘चैंपियनशिप अवार्ड्स’ से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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