देश

सब कुछ पानी में दफन हो जाएगा? UN की डरावनी रिपोर्ट ने उड़ाई मुंबई और कोलकाता की नींद

Mumbai Under Water Threat: जरा सोचिए, जिस घर में आप चैन की नींद सो रहे हैं, कल सुबह वहां सिर्फ अथााह पानी और लहरें हों! यह कोई किसी डरावनी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि वह भयानक हकीकत है जो बहुत जल्द हमारी और आपकी चौखट पर दस्तक देने वाली है. संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई और बेहद खौफनाक रिपोर्ट ने भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया में हड़कंप मचा दिया है.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट A/81/74 ने चेतावनी दी है कि वैश्विक ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण समुद्र का जलस्तर रिकॉर्ड रफ्तार (5.9 मिमी/वर्ष) से बढ़ रहा है. इससे मुंबई, कोलकाता और ढाका जैसे शहरों के निचले इलाके स्थायी रूप से पानी में डूब जाएंगे, जिससे 1.4 करोड़ से अधिक लोग बेघर हो जाएंगे. जमीन धंसने और खारे पानी के फैलाव के कारण मुंबई पर यह खतरा सबसे भीषण रूप ले सकता है.

1.4 करोड़ लोगों पर मंडराया मौत और तबाही का साया

UN महासचिव द्वारा जारी इस खौफनाक रिपोर्ट (दस्तावेज़ A/81/74) के मुताबिक, आने वाले कुछ ही दशकों में समुद्र का जलस्तर इस कदर बेकाबू होने वाला है कि मुंबई, कोलकाता और ढाका जैसे घने बसे शहरों के बड़े हिस्से हमेशा-हमेशा के लिए जलसमाधि ले लेंगे. यह कोई मामूली बाढ़ नहीं होगी जिसे पानी उतरने के बाद साफ कर लिया जाए- यह समुद्र का ऐसा पक्का कब्जा होगा, जो 1.4 करोड़ से ज्यादा इंसानों को बेघर कर सड़कों पर ले आएगा.

मुंबई के लिए सबसे डरावनी घंटी: जमीन धंस रही है, समुद्र निगल रहा है

रिपोर्ट के सबसे खौफनाक आंकड़े मुंबई को लेकर हैं. मुंबई सिर्फ समुद्र की लहरों से ही नहीं घिरी है, बल्कि इसकी जमीन अंदर ही अंदर धंस (Land Subsidence) रही है. खारा पानी अब पीने के जलस्रोतों को जहरीला बना रहा है और तूफानों की प्रचंड लहरें शहर को निगलने के लिए आक्रामक हो रही हैं. जब 2100 तक समुद्र का पानी आधा मीटर से लेकर 2 मीटर तक ऊपर उठेगा, तो मुंबई की विशाल इमारतें, सड़कें और नालियां पानी के नीचे दफन हो चुकी होंगी. ट्रांसपोर्ट, सैनिटेशन और हाउसिंग का नामो-निशान मिट जाएगा.

इतिहास की सबसे तेज गति से बढ़ रहा है जलस्तर

प्रकृति का यह तांडव अब किसी दूर के भविष्य की बात नहीं रही, यह प्रक्रिया चालू हो चुकी है. UN के आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2023 तक समुद्र का स्तर 4.7 मिमी प्रति वर्ष बढ़ रहा था, लेकिन 2024 में इसने भयानक रफ्तार पकड़ते हुए 5.9 मिमी का ऑल-टाइम रिकॉर्ड तोड़ दिया है. दुनिया भर में तटीय इलाकों में रहने वाले 77 करोड़ लोगों का वजूद खतरे में है. न्यूयॉर्क और मियामी में भले ही सिर्फ पैसों का नुकसान हो, लेकिन भारत में यह करोड़ों इंसानों की जिंदगी और उनके आशियाने को हमेशा के लिए मिटा देने वाला मंजर होगा.

यह भी पढ़ें-ट्रेनिंग के दौरान शहादत: यमुना में डूबी सेना की नाव, 2 दिन बाद मिले दोनों जवानों के शव

-भारत एक्सप्रेस

Shubhra Rai

Recent Posts

‘सदी का सबसे बड़ा झूठ…’ गजा जनसंहार के आरोपों पर यूएन में भड़के नेतन्याहू, ममदानी को दिया करारा जवाब

Netanyahu UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर…

24 minutes ago

अब नहीं चलेगी एजेंट्स की मनमानी! बीमा के मिस-सेलिंग पर नियम बदलने की तैयारी में IRDAI, जानें क्या होगा असर?

IRDAI ने बीमा कंपनियों के खर्च और एजेंट कमीशन को नियंत्रित करने के लिए नए…

37 minutes ago

‘गाजा में कोई नरसंहार नहीं किया’, UN में नेतन्याहू ने आरोपों को किया खारिज

Benjamin Netanyahu UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के पीएम बेन्यामिन नेतन्याहू के भाषण…

39 minutes ago

पीएम मोदी ने क्यों धोए थे सफाईकर्मियों के पैर? सेवा यात्रियों को खुद बताया

PM modi news: पीएम मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रहे युवाओं से बातचीत में…

39 minutes ago

बीमारी नहीं, सैलरी से तय होती है डॉक्टर की फीस! जानिए अहमदाबाद के 81 वर्षीय डॉक्टर का वायरल रेट चार्ट

Ahmedabad doctor fee: अहमदाबाद के 81 वर्षीय डॉक्टर नंदलाल मनसेटा मरीज की मासिक कमाई के…

1 hour ago

लखनऊ में 2 करोड़ की हेरोइन के साथ लेडी तस्कर समेत 3 गिरफ्तार, कार से हो रही थी सप्लाई

UP News: गाजीपुर में ANTF टीम ने चेकिंग के दौरान 2 करोड़ 5 लाख की…

1 hour ago