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global warming

Global Warming: वायुमंडल में बढ़ते कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा का सीधा असर हमारे मौसम, गर्मी, पानी, खेती और आने वाले समय में इंसानों की जिंदगी पर पड़ने वाला है. पिछले करीब 100 सालों में वायुमंडल में CO2 की मात्रा में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का लगातार जलना है.

Mumbai Under Water Threat: संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने तबाही की ऐसी घंटी बजाई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है. अगर हालात नहीं सुधरे तो आपकी आँखों के सामने मुंबई और कोलकाता के कई हिस्से पानी में दफन हो जाएंगे.

अमेरिका में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह से देश के 15 राज्यों के जंगल आग से धधक रहे हैं, वहीं शिकागो समेत कई बड़े शहरों में हीट इंडेक्स 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है.

Europe Heatwave 2026: यूरोप में भीषण हीटवेव के चलते 21 जून से अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई देशों में तापमान 40°C के पार पहुंच गया. WHO ने चेतावनी दी है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है और जलवायु परिवर्तन से ऐसे हालात हर साल गंभीर हो रहे हैं.

CLIMATE ALERT: विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी, अगले 5 वर्षों में दुनिया का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा. 2027 के सबसे गर्म वर्ष होने की 86% संभावना है.

Global Warming Crisis: एआई के मुताबिक अगले 40 से 50 सालों में यह विनाश समाज के अंदर घुस जाएगा. जो हवा, पानी और खाना साझा हुआ करती थी, वो लड़ाई की वजह बन जाएंगी. सीमाएं जलवायु से तय होने लगेंगी. जो लोग अपना घर नहीं छोड़ेंगे उन्हें जबरदस्ती घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया जाएगा.

First Mosquitoes Spotted In Iceland: आइसलैंड में पहली बार मच्छर पाए गए हैं. दो नहीं बल्कि तीन मच्छर! आइसलैंड के प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के कीटविज्ञानी मैथियास अल्फ्रेडसन ने इसकी पुष्टि की.

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को गति देते हुए पौधारोपण किया.

हमारे पुरखों ने जो जल जमीन के नीचे पानी संजोह कर रखा था उसे हम भूमि में छेद कर अंधाधुंध जल दोहन कर रहे हैं. अब समय आ गया है कि पानी बचाएं.

हजारों पेड़ों की इस कदर निर्मम कटाई से क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. तापमान में वृद्धि जारी रहेगी, बारिश का पैटर्न भी बाधित होगा और हवा और भी जहरीली हो जाएगी.