देश

खाने में धूल, कॉपियों पर पानी….महाराष्ट्र के इस गांव में भगवान भरोसे आदिवासियों का भविष्य

Maharashtra: अभिषेक पाण्डेय/नंदुरबार: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के आदिवासी बस्ती में स्थित जिला परिषद स्कूल के बच्चों के पास न तो सिर छुपाने के लिए स्कूल की कोई इमारत है और न ही बैठने की जगह. कड़कड़ाती गर्मी में सूखे और बिना पत्तों वाले पेड़ों के नीचे बैठकर ककहरा सीखने वाले ये मासूम बच्चे, अब मानसूनी बारिश के मौसम में भी खुले आसमान के नीचे भीगते हुए पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

कीचड़ से सने रास्ते

शहादा तहसील के वडगावके चिंचपाणी आदिवासी बस्ती में बुनियादी सुविधाओं का अकाल इस कदर है कि स्कूल तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता तक नहीं है. बारिश के आते ही पूरा इलाका कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुका है.

ऐसे में गांव के बच्चे और यहां तैनात शिक्षक हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर, फिसलते हुए इस खुले स्कूल तक पहुंचते हैं. जब तेज बारिश होती है, तो बच्चों की कॉपियां और किताबें पानी में भीग जाती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है.

धूल और पानी के बीच ‘पोषण आहार’

मुसीबत सिर्फ पढ़ाई की नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत की भी है. स्कूल की बिल्डिंग न होने के कारण ये बच्चे खुले में, गीली जमीन पर बैठकर ही सरकारी स्कूली पोषण आहार यानी की मिड-डे मील खाने को मजबूर हैं. हवा के साथ उड़ती धूल-मिट्टी और अब आसमान से गिरता बारिश का गंदा पानी सीधे उनके खाने में मिल रहा है. बुनियादी साफ-सफाई न होने के चलते इन मासूमों के स्वास्थ्य पर गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.

स्थानीय लोगों का सवाल

इस बदहाली को देखकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है. ग्रामीणों का कहना है, ‘अगर देश वाकई डिजिटल हो रहा है और चांद पर पहुंच रहा है, तो हमारा यह गांव आज भी 40 साल पीछे क्यों छूटा हुआ है? क्या आदिवासी बच्चों को एक छत के नीचे सम्मान से शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है? क्या प्रशासनिक अधिकारियों का काम सिर्फ फाइलों में मीटिंग करना रह गया है?’

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद नंदुरबार के जिलाधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर इन आदिवासी बच्चों को कब तक एक अदद स्कूल की छत नसीब कराते हैं.

ये भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा का आगाज; पीएम मोदी बोले- ‘सौभाग्यशाली अनुभव’, स्थानीय लोगों के लिए की ये खास अपील

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का आगाज: सीएम मोहन यादव और नितिन गडकरी 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…

4 hours ago

लापरवाही बनी काल! यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस में आग से 9 मौतें

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…

4 hours ago

दलबदल का खेल: चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों-विधायकों ने पार्टियां बदलीं — जानिए किस राज्य में हुआ सबसे बड़ा परिवर्तन

एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…

4 hours ago

60 का दूल्हा, 23 की दुल्हन… तानों की परवाह किए बिना पिंकू संग वर्षा ने लिए सात फेरे

बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…

4 hours ago

रिटायर्ड जजों की सुविधाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- केंद्र से बनाई जाए राष्ट्रीय नीति

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…

5 hours ago

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

5 hours ago