देश

नरवणे की किताब पर बवाल! ऐसा पहली बार नहीं हुआ, पहले भी जनरल की कलम और सरकार के बीच हो चुकी है जंग

General Naravane Book controversy: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj Mukund Naravane) की अप्रकाशित किताब “Four Stars of Destiny” इन दिनों सियासी विवाद में है. 2026 के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा इस किताब का जिक्र और उसे सदन में दिखाने के बाद संसद में हंगामा मच गया. राहुल गांधी ने दावा किया कि वह यह किताब प्रधानमंत्री मोदी को गिफ्ट करेंगे, जिसके बाद सवाल उठने लगे कि अप्रकाशित किताब उनके पास कैसे पहुंची.

हालांकि, सैन्य अधिकारियों की किताबों पर विवाद कोई नया नहीं है. इससे पहले मनमोहन सिंह सरकार के दौर में मेजर जनरल (रिटायर्ड) वी.के. सिंह की किताब को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था, जो आज तक कानूनी प्रक्रिया में फंसा है.

किताब पर लंबे समय से विवाद (Naravane Book controversy)

नरवणे की यह किताब उनके सैन्य करियर, भारत-चीन सीमा तनाव, डोकलाम और अग्निपथ योजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखी गई है, लेकिन अब तक इसे आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है. किताब को 2024 में प्रकाशित होने के लिए रखा गया था और बुकस्टोर्स ने प्री-ऑर्डर भी शुरू कर दिए थे, पर अचानक लॉन्च रोक दिया गया. रक्षा मंत्रालय से समीक्षा लंबित होने की वजह से यह किताब आज तक प्रकाशित नहीं हो पाई है.

मनमोहन सिंह सरकार में भी हुआ था ऐसा केस (Indian Army book dispute)

यह पहली बार नहीं है जब किसी सैन्य अधिकारी की किताब पर विवाद हुआ हो. इससे पहले कांग्रेस सरकार के दौर में मेजर जनरल (रिटायर्ड) वी.के. सिंह की 2007 में प्रकाशित किताब ‘इंडियाज एक्सटर्नल इंटेलिजेंस: सीक्रेट्स ऑफ रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था. किताब के प्रकाशित होते ही सीबीआई ने उनके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत मामला दर्ज किया, जो करीब 19 साल बाद भी लंबित है और अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है.

81 वर्षीय जनरल वी.के. सिंह 2002 में रिटायर हुए थे और 2004 तक रॉ में डेपुटेशन पर रहे. किताब के विवाद के समय केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार थी. हाल ही में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केस से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं. इससे पहले दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था.

जनरल सिंह का कहना है कि इतने लंबे समय से चल रहा मुकदमा उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रहा है और न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है.

राहुल गांधी तक किताब कैसे पहुंची?

बजट सत्र के दौरान जब राहुल गांधी ने संसद में अप्रकाशित किताब की हार्डकॉपी हाथ में दिखाई, तो यह सवाल उठने लगा कि आखिर वह यह पुस्तक कैसे प्राप्त कर पाए? सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी को यह हार्डकवर कॉपी संभवतः लेखक या किसी निकट स्रोत से मिली, हालांकि इसका आधिकारिक विवरण पक्ष ने स्पष्ट नहीं किया है. कुछ किताबें 2024 में दिल्ली की दुकानों तक पहुंची थीं, लेकिन विवाद के बाद उन्हें वापस मंगवा लिया गया था.


ये भी पढ़ें: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ क्या प्लान बना रहे हैं विपक्षी?


किताब को लेकर विपक्ष और सरकार का तर्क

विपक्ष का कहना है कि किताब में मौजूद अनुभाग भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में सेना के नजरिए को उजागर करते हैं, जिन्हें जनता तक पहुंचाने की आवश्यकता है. वहीं सरकार का रवैया यह रहा कि अप्रकाशित और समीक्षा से गुजर रही सामग्री को संसद में उद्धृत करना उचित नहीं है, और इसे नियमों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा गया है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

आजम खान पर ईडी का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मार्केट प्राइस ₹1,170 करोड़!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…

7 hours ago

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का रीडेवलपमेंट: 60 साल पुरानी इमारत की जगह होगा अत्याधुनिक ‘गेटवे’, सालाना 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…

7 hours ago

अंडमान-निकोबार से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का आगाज: PM मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए LG डॉ. दिनेश शर्मा ने कर्मियों को दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…

8 hours ago

ANDAMAN NICOBAR: LG डॉ. दिनेश शर्मा की श्री विजयपुरम में विभागीय समीक्षा बैठक, अफसरों को निर्देश- जनहित के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं!

श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…

8 hours ago

‘जाणता राजा’ के ऐतिहासिक महामंचन का 250 कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ भव्य समापन, अंतिम दिन भी गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…

9 hours ago