देश भर की अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को कम करने के लिए सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता में 1 फरवरी को एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. जिसमें न्यायपालिका की प्रभावशालीता बढ़ाने और मामलों के तेजी से निपटारे पर चर्चा की जाएगी. इस सम्मेलन में शाम की अदालतें शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा.
पहले सत्र में राष्ट्रीय न्यायालय प्रबंधन प्रणाली समिति द्वारा 2024 के लिए तैयार नीति और कार्ययोजना के कार्यान्वयन पर भी चर्चा होगी. जिसमें मामलों के निपटान में बाधाओं की पहचान की जाएगी और लंबित मामलों को कम करने को लेकर रणनीति तय की जाएगी. दूसरे सत्र की अध्यक्षता जस्टिस बी आर गवई करेंगे. इसमें मामलों के वर्गीकरण और न्याय वितरण के लिए प्रौद्योगिकी. इसमें डिजिटल कोर्ट सॉफ्टवेयर बक विस्तार, ई-फाइलिंग प्रणाली, वर्चुअल कोर्ट्स को बढ़ावा देना और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना.
वही जस्टिस सूर्यकांत जिला न्यायपालिका में मानव संसाधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित तीसरे सत्र की अध्यक्षता करेंगे. इसमें न्यायिक अधिकारियों और अदालतों के कर्मचारियों की समयबद्ध और संस्थागत भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने, हाई कोर्ट्स और निचली अदालतों में एक स्थायी आईटी डेटा कैडर स्थापित करने पर चर्चा होगी. बता दें कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 82,445 मामले लंबित है, जबकि देशभर की निचली अदालतों में करोड़ो मामले लंबित है.
-भारत एक्सप्रेस
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