प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नार्को-समन्वय केंद्र (NCORD) की 9वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश से मादक पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना और युवाओं को इस खतरे से सुरक्षित रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना था. शाह ने स्पष्ट किया कि भारत अब नार्को-आतंकवाद और तस्करी के खिलाफ जीरो-टोलरेंस की नीति के साथ अगले स्तर की कार्रवाई के लिए तैयार है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक्स पर बताया, ‘आज नई दिल्ली में एनसीओआरडी की नौवीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. मोदी जी के नेतृत्व में, देश अब मादक पदार्थों के नेटवर्क पर अगले स्तर की कार्रवाई करने के लिए तैयार है. एजेंसियों को 31 मार्च 2026 से तीन साल का संयुक्त राष्ट्रव्यापी मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान शुरू करने का निर्देश दिया.
प्रत्येक पुलिस स्टेशन को सरगनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई, प्रभावित लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण और फोरेंसिक एवं कानूनी प्रावधानों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए अधिकारियों की समर्पित टीमें गठित करने का निर्देश दिया.
गृह मंत्री ने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 से देश में एक सघन और सामूहिक तीन वर्षीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा. यह अभियान न केवल मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ेगा, बल्कि इसकी मांग को कम करने के लिए भी जमीनी स्तर पर काम करेगा. इस रणनीति के तहत सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक अपना विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. यह अभियान नक्सलवाद को खत्म करने की समयसीमा के तुरंत बाद शुरू होगा, जो यह दर्शाता है कि सरकार आंतरिक सुरक्षा के हर मोर्चे पर मुस्तैद है.
अमित शाह ने देश के हर पुलिस स्टेशन में मादक पदार्थों के खिलाफ समर्पित टीमें बनाने का आदेश दिया है. इन टीमों का मुख्य लक्ष्य तस्करी के बड़े सरगनाओं और उनके वित्तपोषण (Financiers) पर नकेल कसना होगा. शाह ने जोर दिया कि जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फॉरेंसिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि सजा दिलाने की दर में सुधार हो सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तस्करों के खिलाफ कोई दया नहीं दिखाई जाएगी. वहीं नशे के शिकार हुए पीड़ितों के प्रति एक मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाएगा.
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए कार्यालय का वर्चुअली उद्घाटन भी किया, जो सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) से आग्रह किया कि वे अपने राज्यों में पकड़ी गई ड्रग्स के समयबद्ध विनाश के लिए ठोस कदम उठाएं. 2029 तक के दीर्घकालिक रोडमैप के साथ, सरकार एक ऐसा स्थायी तंत्र विकसित कर रही है जो आने वाली पीढ़ियों को ड्रग्स के जाल से सुरक्षित रख सके.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने शेयर किया सोमनाथ का अलौकिक वीडियो, करेंगे ओंकार जाप और ड्रोन शो का दीदार
-भारत एक्सप्रेस
Aaj Ka Mausam: मौसम को लेकर जारी इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम…
करवा चौथ 2026 आज, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं पति की…
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ के अवसर पर ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मेष,…
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर भारतीय नागरिकता मिलने से पूर्व मतदाता सूची में…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…