देश

‘सरकार पहले दिन से ही नीट पर चर्चा चाहती हैं, लेकिन…’, किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर बोला जोरदार हमला

NEET Controversy In Parliament: संसद के मौजूदा मानसून सत्र में नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच घमासान थामने का नाम नहीं ले रहा है. दरअसल गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नीट मुद्दे पर एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला. कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभालते हुए सदन में साफ किया कि सरकार पहले दिन से ही नीट के हर पहलू पर खुलकर चर्चा कराने के पक्ष में है.

इस पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी घटक दल इस संवेदनशील विषय पर बातचीत चाहते हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा की आड़ में शर्तें थोपकर सदन की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित करने में लगा हुआ है.

‘सदन में चर्चा के लिए न लगाई जाए शर्त'(NEET Controversy In Parliament)

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उच्च सदन को बताया कि गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार ने विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से खुद संपर्क किया था. सरकार ने विपक्ष से अपील की थी कि चर्चा का समय और स्वरूप आपसी सहमति से तय किया जा सकता है, लेकिन चर्चा शुरू करने के लिए कोई पूर्वाग्रह या शर्त नहीं रखी जानी चाहिए.

साथ ही रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष एक तरफ तो नीट पर चर्चा का ढोल पीटता है और दूसरी तरफ ऐसी अनचाही शर्तें सामने रख देता है जिससे साफ संदेश जाता है कि विपक्ष खुद इस गंभीर मुद्दे पर गंभीर नहीं है.

पीएम मोदी के आश्वासन का दिया हवाला

रिजिजू ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की जा रही है ताकि मामलों की त्वरित सुनवाई हो और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके.

ये भी पढ़ें: ‘लंच तक नहीं खुला तो…’, दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद होने पर सुप्रीम सुनवाई, जानें क्या बोले CJI?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री की इस कड़क अपील का विपक्षी दलों पर कोई असर (NEET Controversy In Parliament) नहीं पड़ा. विपक्षी सांसदों का स्पष्ट कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षा में हुई भारी अनियमितताओं और धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक किसी भी चर्चा का कोई औचित्य नहीं है. विपक्ष अपनी मांग पर अडिग रहा, जिसके चलते सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामा होता रहा.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

21 से 27 अक्टूबर तक सजेगा अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, 24 देशों की झलक और ग्लोबल डांस फेस्टिवल होंगे खास आकर्षण

International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…

6 hours ago

अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण मामला फिर पहुंचेगा कमिश्नर के पास

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…

7 hours ago

UP पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 महीने में वोटिंग कराए सरकार

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…

7 hours ago

नेफा का काला अध्याय: अक्टूबर 1962 की तबाही

1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…

8 hours ago