NEET UG 2026 Paper Leak
NEET UG 2026 Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पेपर लीक में केंद्रीय एजेंसी की जांच अब सिर्फ बिचौलियों तक ही सीमित नहीं रही, अब इसकी जद में परीक्षा एजेंसी NTA से जुड़े लोग भी आ रहे हैं. अबतक इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं. वो अब दोबारा परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं.
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पेपर लीक की शुरुआत पेपर तैयार करने से ही हो चुकी थी. NTA की पेपर सेटिंग कमेटी से ही पेपर लीक हुए. इस मामले में एजेंसी ने पुणे के दो शिक्षकों मनीषा गुरुनाथ मंधारे (बॉटनी टीचर) और पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों NTA के पेपर सेट करने वाली एक्सपर्ट कमेटी की टीम का हिस्सा थे. कुलकर्णी पर आरोप है कि उनकी पहुंच सीधे केमिस्ट्री पेपर तक थी, तो मंधारे की बॉटनी और जूलॉजी पेपर का एक्सेस था.
NEET-UG 2026 पेपर लीक की जांच में खुलासा हुआ है कि मंधारे और कुलकर्णी ने पेपर लीक कर कुछ चुनिंदा छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लास लगाई. इस क्लास में बैठने के लिए छात्रों से मोटी रकम वसूली गई. इसमें क्लास में कौन-कौन से छात्र बैठे थे, इसका खुलासा होना बाकी है. पर जांच एजेंसियों के मुताबिक इन क्लासेज में वो सभी सवाल और जवाब बताये गए जो अगली नीट परीक्षा में आने वाले थे. दोनों ने बकायदा इन सवालों के जवाब छात्रों से लिखवाये और बुक में टिक कराये. जांच में ये भी पता चला है कि इस एक्स्ट्रा क्लास में जो भी सवाल बताये गए थे अधिकतर नीट परीक्षा में आए थे.
CBI की जांच में पता चला है कि NTA से दो तरह से पेपर लीक की गई. पहले हैंड रिटेन पेपर बाहर निकला और दूसरा टाइप किया गया. पुणे में तैयार किये गए कोचिंग नोट्स को PDF में बदला गया और उसे वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिये छात्रों के पास पहुंचाया गया. इस पीडीएफ में 500 से 600 सवाल थे.
ये भी पढ़ें- NEET पेपर लीक में दौसा के बिवाल परिवार पर CBI का शिकंजा, एक ही परिवार के 5 सदस्य कर रहे MBBS
अबतक पुणे, जयपुर, नासिक सहित कई शहरों में छापेमारी कर सीबीआई ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गए लोगों में यश यादव, मंधारे, कुलकर्णी, वाघमारे, धनंजय लोखंडा, मंगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और शुभम खैरनार हैं. सूत्रों के मुताबिक NTA के अंदर पेपर सेट करने वाले सभी लोग शक के घेरे में हैं. यहां तक कि पूरी कमेटी और NTA के कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है. जिसकी केंद्रीय जांच एजेंसी तफ्तीश में जुटी हुई है.
-भारत एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के…
111 Year Old Woman Longevity Secret: ब्राजील की 111 वर्षीय यूनिस दा सिल्वेरा ने अपनी…
Madhya Pradesh Politics: भोपाल में आज होने वाली बीजेपी की पदयात्रा में राजनाथ सिंह की…
सेर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम लिमिटेड ने Q2 FY27 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए कंसोलिडेटेड…
US Election Impact: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के परिणामों का असर H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड के…
Diwali Lucky Plants for Home: दिवाली पर तुलसी, मनी प्लांट, शमी, क्रासुला और केले का…