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NEET पेपर लीक में दौसा के बिवाल परिवार पर CBI का शिकंजा, एक ही परिवार के 5 सदस्य कर रहे MBBS

NEET Paper Leak Biwal Family: बिवाल परिवार के मुखिया मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे-बेटियों और भतीजी और भतीजे के लिए कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा और इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचाया. बिवाल परिवार के पांच-पांच सदस्य MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं.

NEET Paper Leak Biwal Family

NEET Paper Leak Biwal Family

रिपोर्ट- विष्णु आशीर्वाद दौसा


NEET Paper Leak Biwal Family: राजस्थान के जमवारामगढ़ के बिवाल परिवार का नाम NEET पेपर लीक प्रकरण में सामने आने के बाद प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में हड़कंप मच गया है. मामला इसलिए भी बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि एक ही परिवार के पांच-पांच सदस्य MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. अब जांच एजेंसियों की नजर सीधे इसी परिवार और उससे जुड़े शैक्षणिक रिकॉर्ड पर टिक गई है.

आरोप है कि परिवार के मुखिया मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे-बेटियों और भतीजी और भतीजे के लिए कथित तौर पर NEET का पेपर खरीदा और इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचाया. इस पूरे मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड पुणे के कुलकर्णी से लेकर बिवाल परिवार के MBBS में चयनित सदस्यों तक पर शिकंजा कस चुका है. बताया जा रहा है कि अब तक इस प्रकरण में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

अब जांच का अगला बड़ा केंद्र दौसा का पंडित नवल किशोर शर्मा मेडिकल कॉलेज बनता नजर आ रहा है. वजह है मांगीलाल बिवाल की बेटी प्रगति बिवाल, जो मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार प्रगति ने 14 मई को अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर कॉलेज प्रशासन से घर जाने की अनुमति ली थी, लेकिन उसके बाद से वह न कॉलेज लौटी और न ही घर पहुंचने की पुष्टि हुई. पिछले कई दिनों से उसके गायब होने की चर्चा ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है.

NEET Paper Leak Biwal Family

बिवाल परिवार के हर सदस्य की होगी जांच

सूत्रों के मुताबिक CBI अब बिवाल परिवार के हर उस सदस्य की जांच में जुट गई है जिसने NEET परीक्षा दी या MBBS में प्रवेश लिया. जांच एजेंसियां शैक्षणिक रिकॉर्ड से लेकर चयन प्रक्रिया तक हर कड़ी को खंगाल रही हैं. इसी कड़ी में प्रगति बिवाल की वर्ष 2021 की 12वीं की मार्कशीट भी जांच के घेरे में आ गई है.

गौरतलब है कि कोरोना काल में राजस्थान बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया था. उसी दौरान प्रगति बिवाल को भी प्रमोट किए जाने की बात सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार उसे करीब 90 प्रतिशत अंक दिए गए थे. बाद में वर्ष 2025 की NEET परीक्षा में उसने 720 में से 385 अंक प्राप्त कर एससी श्रेणी के तहत दौसा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया. अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 2021 से 2025 के बीच उसकी शैक्षणिक यात्रा में क्या-क्या हुआ और किन आधारों पर उसे इतने अंक दिए गए?

संगठित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी एजेंसियां

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. सूत्रों की मानें तो CBI की नजर अब दौसा जिले के उन कोचिंग संस्थानों और स्कूलों पर भी है, जहां पिछले वर्षों से NEET की तैयारी करवाई जा रही है. बताया जा रहा है कि पिछले पांच साल के रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं.

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इधर, दौसा में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों की बातचीत तक में अब मेडिकल कॉलेज और NEET पेपर लीक की चर्चा छाई हुई है. शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच अब हर किसी की नजर CBI की अगली कार्रवाई पर टिक गई है. माना जा रहा है कि जांच की परतें खुलीं तो यह मामला और भी बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है. इस पूरे प्रकरण को लेकर दोसा मेडिकल प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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