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New PG Rules Delhi: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे (Satya Niketan building collapse) ने सरकार की नींद उड़ा दी है. इस हादसे में 7 लोगों (मुख्यतः डीयू साउथ कैंपस के छात्रों) की जान जाने के बाद दिल्ली सरकार फुल एक्शन मोड में आ गई है.
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) ने ऐलान किया है कि सरकार अगले 6 हफ्तों के भीतर पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन और कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक नीति और ‘वेब पोर्टल’ लेकर आ रही है.
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने डीयू साउथ कैंपस और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. छात्रों ने मनमाने किराए, वादे के मुताबिक सुविधाएं न मिलने और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं.
वेब पोर्टल: इसके समाधान के लिए सरकार एक ‘कॉमन वेब पोर्टल’ बनाएगी. यहां हर पीजी संचालक को अपनी बिल्डिंग, खाली कमरों, सुविधाओं और सेफ्टी नॉर्म्स (Safety Norms) का रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
जवाबदेही: अक्सर पीजी की बिल्डिंग किसी और की होती है, चलाता कोई और है और पैसे कोई तीसरा वसूलता है. नए कानून में इन सभी की कानूनी जवाबदेही तय की जाएगी.
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सत्य निकेतन हादसे से पहले भी छात्रों के आवास और पीजी रेगुलेशन पर काम कर रही थी. लेकिन, 7 मौतों वाले इस दुखद हादसे ने सरकार को ‘गौबा कमेटी’ (Gauba Committee Report) की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करने पर मजबूर कर दिया है.
दिल्ली में हर साल बाहर से 2 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ने आते हैं, जिनके लिए हॉस्टल्स की भारी कमी है. इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाने का फैसला किया है.
मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस ड्राफ्ट पॉलिसी को पानी-बिजली विभाग, पीजी मालिकों, छात्रों और अभिभावकों के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद इसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) और उपराज्यपाल (LG) के साथ विचार-विमर्श कर कैबिनेट में पास कराया जाएगा. इस कानून के लागू होते ही दिल्ली में छात्रों के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी माहौल तैयार होगा.
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