NewsClick Delhi Police FIR: इंटरनेट बेस्ड ऑनलाइन मीडिया कंपनी न्यूजक्लिक की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, बल्कि उनके दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा संस्थान के प्रमुख सदस्यों और पत्रकारों पर हो रहीं कार्रवाई ये आरोप मजबूत कर रही हैं कि कहीं न्यूजक्लिक किसी बड़े भारत विरोधी एजेंडे के तहत तो काम नहीं कर रही हैं. इस शक की वजह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा न्यूजक्लिक के खिलाफ दर्ज FIR है. हैरानी की बात यह है कि इस एफआईआर में स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का भी जिक्र कर दिया है.
न्यूजक्लिक पर आरोप लगाए हैं कि देशी फंडिंग के जरिए “भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने” का आरोप लगा है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR में आरोप लगाए हैं कि संस्थान ने चीनी प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए अमेरिकी बिजनेसमैन नेविल रॉय सिंघम से जुड़ी कंपनियों से अवैध तरीके से पैसे लिए. 17 अगस्त को दर्ज की गई इस FIR में न्यूजक्लिक और इसके संचालकों पर दिल्ली पुलिस ने और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जो कि कंपनी की मुसीबत बढ़ाने वाले हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दायर FIR में मुख्य रूप से तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है. इसमें प्रबीर पुरकायस्थ, गौतम नवलखा और नेविल रॉय सिंघम का है. FIR के मुताबिक, अप्रैल 2018 से PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को अमेरिका के वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स से “करोड़ों रुपये” के फंड अवैध रूप से मिले. PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड न्यूजक्लिक की मालिकाना कंपनी है. ये फंड्स नेविल रॉय सिंघम की कई कंपनियों के जरिए पहुंचे हैं.
यह भी पढ़ें- IGI एयरपोर्ट पुलिस ने एक महीने में इमीग्रेशन रैकेट के 11 एजेंट्स को दबोचा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की FIR में कहा गया है कि नेविल रॉय कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के प्रोपेगैंडा विभाग के एक्टिव पार्टनर्स हैं. ऐसे में आरोप यह भी है कि न्यूजक्लिक को शाओमी और वीवो जैसी चाइनीज कंपनियों से फंडिंग है. दिल्ली पुलिस ने FIR में लिखा है कि Xiaomi, Vivo जैसी बड़ी चीनी टेलिकॉम कंपनियों ने PMLA और FEMA जैसे कानूनों का उल्लंघन कर भारत में कई शेल कंपनियां बनाई हैं. इसका इस्तेमाल भारत में अवैध विदेशी फंडिंग को लाने के लिए किया गया.
यह भी पढ़ें-IGI एयरपोर्ट पुलिस ने एक महीने में इमीग्रेशन रैकेट के 11 एजेंट्स को दबोचा
गंभीर आरोप यह भी है कि इन आरोपियों ने अवैध फंडिंग के दम पर भारत में किसान आंदोलन को सपोर्ट किया था. इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि कोविड-19 महामारी को रोकने में भारत सरकार की कोशिशों को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
Mirzapur brother sister suicide over ghee dispute: मिर्जापुर के अदलहाट में ज्यादा घी खाने के…
International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…
UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…
PM Modi meets Canadian Foreign Minister Anita Anand: पीएम मोदी से कनाडा की विदेश मंत्री…