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Operation Sindoor: पाकिस्तान की करतूत बताने विदेश नहीं जाएंगे यूसुफ पठान, डेलिगेशन में शामिल होने से किया इनकार

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान की करतूतों को दुनिया के सामने लाने के लिए भारत सरकार 30 से अधिक देशों में बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) भेजने जा रही है. इन प्रतिनिधिमंडल समूहों में अलग-अलग पार्टियों के सांसदों को शामिल किया गया है, लेकिन टीएमसी ने अपने सांसदों को इस डेलिगेशन में शामिल होने से इनकार कर दिया.

Delegation में शामिल नहीं होंगे यूसुफ पठान

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि पार्टी का कोई भी सांसद या नेता भारत सरकार द्वारा 30 से अधिक देशों में बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) भेजने की पहल में शामिल नहीं होगा. पहले खबर आई थी कि बहरामपुर से टीएमसी सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं.

सात Delegation जाएंगे विदेश

एक-एक सांसद के नेतृत्व में सात समूहों वाले बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन वैश्विक गलत सूचनाओं का मुकाबला करने तथा आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहनशीलता नीति को उजागर करने के लिए किया गया है. सूत्रों के अनुसार, न तो पठान और न ही कोई अन्य टीएमसी सांसद पाकिस्तान के सीमापार आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए विभिन्न देशों का दौरा करने वाले बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे.

टीएमसी ने क्या कहा?

टीएमसी सूत्रों ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि राष्ट्र सबसे ऊपर है और हमने अपने महान देश की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक कार्रवाई की है, उसके लिए केंद्र सरकार को अपना समर्थन देने का वचन दिया है. हमारे सशस्त्र बलों ने हमारे देश को गौरवान्वित किया है और हम उनके प्रति सदैव ऋणी हैं. विदेश नीति पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है. इसलिए, केवल केंद्र सरकार ही विदेश नीति तय करे और इसकी पूरी जिम्मेदारी ले . ”

वैश्विक गलत सूचनाओं का मुकाबला करने और आतंकवाद पर भारत की शून्य सहनशीलता की नीति को उजागर करने के प्रयास के तहत , सरकार ने 30 से अधिक साझेदार देशों में भारतीय सांसदों के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं . यह मिशन “एक मिशन, एक संदेश, एक भारत” थीम के तहत कार्य करता है, जिसका एकीकृत लक्ष्य ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया को प्रस्तुत करना है.

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर

यह वैश्विक अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया है जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. इसके जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया.

जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराया गया. भारत ने समन्वित हवाई हमले भी किए, जिसमें 11 पाकिस्तानी एयरबेसों पर सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा.

यह भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान हुआ नेस्तनाबूद, तो चीन की भी खुल गई पोल, चीनी एयर डिफेंस सिस्टम से लेकर ड्रोन और गाइडेड मिसाइलें हुईं फुस्स

सात प्रतिनिधिमंडल (Delegation) सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया, जापान, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन, अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील, कोलंबिया, स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया, रूस, मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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