देश

तारीख बढ़ेगी या नहीं? छत्तीसगढ़ में धान खरीद पर कांग्रेस ने घेरा तो मंत्री रामविचार नेताम ने किया पलटवार, कहा- ‘पहले अपना रिकॉर्ड देखें विपक्षी’

रिपोर्ट- दिनेश गुप्ता


छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों धान सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. जैसे 31 जनवरी की डेडलाइन करीब आ रही है, मंडियों में हलचल और राजनीति की तपिश, दोनों बढ़ गई हैं. एक तरफ किसान टोकन ना मिलने और अपनी उपज बेचने के लिए कड़ाके की ठंड में मशक्कत कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार की घेराबंदी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

कांग्रेस की घेराबंदी पर कृषि मंत्री का पलटवार

विपक्ष के लगातार हमलों के बीच अब छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम खुद फ्रंट फुट पर आए हैं. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि प्रदेश में धान खरीदी का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है. कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मंत्री ने कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने दौर के आंकड़ों और हमारी सरकार के काम की तुलना कर लेनी चाहिए. उनके मुताबिक, सरकार ने न सिर्फ लक्ष्य बढ़ाया है, बल्कि किसानों की सुविधा का भी ख्याल रखा जा रहा है.

धान खरीदी केंद्रों (सोसायटियों) से लगातार खबरें आ रही हैं कि किसानों को टोकन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. कई जगहों पर किसानों का कहना है कि लक्ष्य (Target) पूरा होने की बात कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है. इन शिकायतों पर सफाई देते हुए कृषि मंत्री ने कहा, “हमने लक्ष्य को पहले ही बढ़ा दिया है. जो भी आरोप लग रहे हैं वे निराधार हैं. 31 जनवरी तक हर किसान का धान विधिवत खरीदा जाएगा, इसके लिए प्रशासन मुस्तैद है.”

क्या बढ़ेगी आखिरी तारीख?

जब पत्रकारों ने मंत्री नेताम से सीधा सवाल किया कि क्या 31 जनवरी के बाद भी धान खरीदी जारी रहेगी? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा— “अभी 31 जनवरी आने तो दीजिए, तब की तब देखेंगे.” मंत्री के इस बयान ने सस्पेंस बरकरार रखा है.

हालांकि, किसानों के बीच यह चर्चा आम है कि अगर 31 जनवरी तक खरीदी पूरी नहीं हुई, तो क्या सरकार डेट बढ़ाएगी या किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया जाएगा?

ग्राउंड की हकीकत क्या है?

कागजों पर भले ही लक्ष्य बढ़ाए गए हों, लेकिन जमीनी हकीकत थोड़ी जुदा है. सीमावर्ती इलाकों के किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि मंत्री का भरोसा अगले 10-12 दिनों में कितना सच साबित होता है. क्या वाकई हर पंजीकृत किसान अपना दाना-दाना बेच पाएगा, या फिर तारीख खत्म होने के बाद एक नया सियासी संग्राम शुरू होगा?

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र के बदलापुर में 4 साल की मासूम के साथ छेड़छाड़, आरोपी स्कूल वैन ड्राइवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

‘मुझे पति से बचा लो…’, पहले दिया तीन तलाक, फिर देवरों से कराया हलाला

अलीगढ़ में तीन तलाक के बाद महिला से दो देवरों द्वारा जबरन हलाला कराने का…

4 hours ago

सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट हुए जज तो इन तीन बड़े हाईकोर्ट्स में बदले गए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, देखिए पूरी लिस्ट

केंद्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, गुजरात और तेलंगाना हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य…

6 hours ago

20 रुपये में इतने कम मोमोज? छात्र के सवाल पूछते ही ठेलेवाले ने चेहरे पर फेंका खोलता तेल

ग्वालियर में 20 रुपये के मोमोज की संख्या कम होने पर सवाल पूछना एक छात्र…

6 hours ago

नवी मुंबई एयरपोर्ट से अब सफर होगा बेहद आसान, अडानी ग्रुप ने शुरू कीं ई-शिवाई बसें

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल से पहले सस्ती बसों, ऐप टैक्सियों और फ्री…

7 hours ago

उमेश पाल हत्याकांड: UP पुलिस की रिमांड से बचा इनामी अरमान बिहारी, वापस गया बिहार जेल

उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस के 5 लाख के इनामी आरोपी अरमान बिहारी को प्रयागराज…

7 hours ago

जब पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिया ‘देसी चीज़’ और कश्मीरी कला का अनूठा तोहफा, जानिए क्या है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और…

8 hours ago