देश

पांचना जल विवाद पर सरकार अलर्ट, ADG बीजू जॉर्ज जोसेफ पहुंचे करौली, किसानों और अधिकारियों के साथ मंथन

रिपोर्ट- शीला मीणा, करौली 


Panchna Dam Water Dispute: पांचना बांध से जल निकासी को लेकर बढ़ते विवाद और आंदोलन के तेज होते स्वरूप के बीच राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय हस्तक्षेप शुरू कर दिया है. इसी क्रम में ADG (कानून-व्यवस्था) बीजू जॉर्ज जोसेफ मंगलवार को करौली पहुंचे और कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों तथा किसान प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की.

बैठक में वरिष्ठ IAS अधिकारी कृष्ण कुणाल, भरतपुर संभागीय आयुक्त नालिनी कठौतिया, भरतपुर रेंज IG कैलाश चंद बिश्नोई, करौली कलेक्टर अक्षय गोदारा, सवाई माधोपुर कलेक्टर कानाराम, करौली SP लोकेश सोनवाल, सवाई माधोपुर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में पांचना संघर्ष समिति और कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया.

क्यों भेजे गए ADG स्तर के अधिकारी?

पांचना बांध का मुद्दा केवल जल निकासी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी राजस्थान के दो जिलों—करौली और सवाई माधोपुर—के हजारों किसानों की आजीविका से जुड़ा हुआ है. खंडीप गांव में चल रही महापंचायत, बांध पर किसानों की पहरेदारी और लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार कानून-व्यवस्था की किसी भी संभावित चुनौती को लेकर सतर्क है. प्रशासन को आशंका है कि यदि दोनों पक्षों के किसान आमने-सामने आते हैं तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है. यही कारण है कि राज्य सरकार ने मामले की निगरानी के लिए ADG स्तर के अधिकारी को मौके पर भेजा है.

क्या है पांचना जल विवाद का इतिहास?

करौली जिले में स्थित पांचना बांध पूर्वी राजस्थान की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में शामिल है. बांध का पानी करौली और सवाई माधोपुर के कई गांवों की कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्षों से मानसून के दौरान और फसल सीजन शुरू होने पर बांध से पानी छोड़ने या उसे सुरक्षित रखने को लेकर विवाद सामने आता रहा है.

कमांड क्षेत्र के किसान समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग करते हैं ताकि खरीफ और रबी फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके. वहीं दूसरी ओर कुछ किसान और ग्रामीण संगठन बांध में अधिक जल भंडारण बनाए रखने के पक्ष में रहते हैं. उनका तर्क है कि जल्दबाजी में पानी छोड़ने से भविष्य में सिंचाई और पेयजल संकट खड़ा हो सकता है. इसी खींचतान के चलते कई बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और प्रशासनिक हस्तक्षेप की स्थिति बन चुकी है.

किसानों की क्या हैं प्रमुख मांगें?

संघर्ष समिति और कमांड क्षेत्र के किसान बांध से नियंत्रित तरीके से जल निकासी की मांग कर रहे हैं ताकि आगामी खरीफ सीजन में सिंचाई प्रभावित न हो. किसानों का कहना है कि खेतों की तैयारी शुरू हो चुकी है और समय पर पानी नहीं मिलने पर फसलों पर असर पड़ सकता है. वहीं आंदोलनकारी किसान यह भी चाहते हैं कि सरकार जल वितरण को लेकर स्पष्ट नीति घोषित करे ताकि हर वर्ष इस प्रकार के विवाद की पुनरावृत्ति न हो.

आगे क्या है सरकार की योजना?

सूत्रों के अनुसार सरकार अब तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है. जल संसाधन विभाग से बांध की वर्तमान जल स्थिति, संभावित मानसून और सिंचाई आवश्यकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. प्रशासन दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की वार्ता भी करेगा.

सरकार का प्रयास है कि ऐसा फार्मूला निकाला जाए जिससे कमांड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई जल उपलब्ध हो सके और साथ ही भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त जल भंडारण भी बना रहे. इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

कल 28 गांवों के किसान पहुंचेंगे महापंचायत

इधर खंडीप गांव में जारी महापंचायत को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं. संघर्ष समिति के अनुसार बुधवार को 28 गांवों के किसान महापंचायत में शामिल होंगे. दूसरी ओर पांचना बांध पर भी किसान लगातार पहरेदारी कर रहे हैं. ऐसे में प्रशासन की नजर अब महापंचायत की गतिविधियों और किसानों की अगली रणनीति पर टिकी हुई है.

ये भी पढ़ें- मोहन यादव के समर्थन में आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बोले- बीजेपी कर रही हटाने की साजिश

पांचना जल विवाद फिलहाल केवल पानी के बंटवारे का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह पूर्वी राजस्थान में कृषि, जल प्रबंधन और ग्रामीण राजनीति से जुड़ा एक बड़ा प्रश्न बनता जा रहा है, जिस पर राज्य सरकार की नजर बनी हुई है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

‘चार बड़े राज्यों में मतपत्रों से हुए एमएलसी चुनाव, कांग्रेस कितनी सीटें जीतीं?’, नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों में एनडीए…

1 hour ago

‘योग-नेचुरोपैथी से नाता जोड़ो, नशा छोड़ो’: नशा मुक्ति के लिए 12 राज्यों के 2000 प्रतिनिधियों ने बनाई मानव श्रृंखला, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

नवी मुंबई के खारघर में आयुष मंत्रालय के सहयोग से 'योग-नेचुरोपैथी के माध्यम से नशामुक्ति'…

2 hours ago

जूता महंगा बताया तो दुकानदार की घसीट-घसीटकर धुनाई, मुजफ्फरनगर के मार्केट में गदर, वारदात CCTV में कैद

Muzaffarnagar Viral Video: मुजफ्फरनगर में जूते के दाम को लेकर व्यापारी और ग्राहकों में जमकर…

2 hours ago

कैमूर में ठेकेदार को चाकू गोद कर छीन लिए 35 हजार, दतियांव गांव का है मामला

Kaimur Robbery: बिहार के कैमूर जिले में छिनतई की नीयत से एक मकान निर्माण ठेकेदार…

2 hours ago