MP CM Land Issue: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) पर लगे 168 एकड़ जमीन खरीदने के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव खुलकर सीएम मोहन यादव के समर्थन में उतर आए हैं और इसे बीजेपी की एक बड़ी अंदरूनी साजिश करार दिया है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर पद का दुरुपयोग कर उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप लगा है. इस विवाद के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोहन यादव का पक्ष लेते हुए कहा कि उनका परिवार पुराना रियल एस्टेट कारोबारी है. अखिलेश ने दावा किया कि बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को हटाने की साजिश के तहत यह आरोप लगवा रही है.
उज्जैन जमीन विवाद पर सियासत गरमाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में पद की शपथ लेने के बाद करीब 168 एकड़ जमीन (137 प्लॉट) खरीदने का गंभीर आरोप लगा है. अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खुलासे के बाद जहां एमपी में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मुख्यमंत्री पर हमलावर हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav ) ने इस मामले में मोहन यादव का खुलकर बचाव किया है. अखिलेश के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
अखिलेश का दावा- ‘बीजेपी रच रही है हटाने की साजिश’
मोहन यादव का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह सब उन्हें बदनाम करने के लिए भाजपा की बुनी हुई एक साजिश है. उन्होंने दलील दी कि मोहन यादव का परिवार पहले से ही रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा हुआ था, क्या यह बात भाजपा नहीं जानती? अखिलेश ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर मोहन यादव पर आरोप हैं, तो यूपी के सीएम ने तो 300 से 600 एकड़ जमीन ली है, यह कोई नई बात नहीं है
तीन राज्यों के सीएम बदलने का प्लान
सपा प्रमुख ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा असल में अपने मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता खोज रही है. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को इसलिए हटाना चाहती है, क्योंकि उनका असली मकसद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को कुर्सी से हटाना है.’ अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि यह सब हटाने की क्रोनोलॉजी चल रही है, लेकिन यूपी की जनता इस बार साइकिल को इतनी तेज चलाएगी कि मुख्यमंत्री अपने आप हट जाएंगे.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा विवाद एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया है कि 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन के विकास वाले इलाकों में तेजी से जमीनें खरीदीं. हालांकि, इस रिपोर्ट में साल 2026 में हुई खरीद-बिक्री के आंकड़े शामिल नहीं हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकारी विकास योजनाओं का फायदा सीधे तौर पर इन जमीनों को पहुंचाया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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