Parakram Diwas 2026: हर साल 23 जनवरी को पूरा देश महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाता है. भारत सरकार ने वर्ष 2021 में इस दिन को आधिकारिक रूप से पराक्रम दिवस घोषित किया था, ताकि नेताजी के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्र के लिए उनके निस्वार्थ बलिदान को सम्मान दिया जा सके.
नेताजी का जीवन, उनके विचार और उनका संघर्ष आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं, और यही वजह है कि सिनेमा और टेलीविजन में उनकी कहानी बार-बार लौटकर आती रही है.
साल 1966 में आई बंगाली फिल्म ‘सुभाष चंद्र’ नेताजी के जीवन पर बनी शुरुआती फिल्मों में से एक मानी जाती है. इस फिल्म का निर्देशन पीयूष बोस ने किया था और इसमें समर कुमार ने सुभाष चंद्र बोस की भूमिका निभाई थी. फिल्म में उनके बचपन, पढ़ाई, कॉलेज जीवन और भारतीय सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े अनुभवों को दिखाया गया है. यह कहानी बताती है कि कैसे एक मेधावी छात्र धीरे-धीरे देश की आजादी के लिए सब कुछ छोड़ने वाला क्रांतिकारी बना. उनके शुरुआती जीवन को सरल और भावनात्मक अंदाज में शानदार तरीके से पेश किया गया.
नेताजी पर बनी सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस: द फॉरगॉटन हीरो’, जो साल 2004 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार श्याम बेनेगल ने किया था. फिल्म में सचिन खेडेकर ने नेताजी की भूमिका निभाई, जबकि दिव्या दत्ता अहम किरदार में नजर आईं. कहानी 1941 से 1945 के उस दौर पर केंद्रित है, जब नेताजी नजरबंदी से भागकर देश से बाहर गए, जर्मनी और जापान के साथ मिलकर आजाद हिंद फौज का गठन किया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी. फिल्म में युद्ध, राजनीति और व्यक्तिगत संघर्ष को बहुत संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है. इस फिल्म के लिए सचिन खेडेकर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला और कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में इसे सराहा गया.
साल 2017 में आई वेब सीरीज ‘बोस: डेड/अलाइव’ ने नेताजी की मृत्यु से जुड़े रहस्य को केंद्र में रखा. दरअसल, 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु हो गई थी, लेकिन इस घटना को लेकर आज भी सवाल उठते हैं. एकता कपूर द्वारा निर्मित इस सीरीज का निर्देशन पुलकित ने किया था और इसमें राजकुमार राव ने नेताजी का किरदार निभाया था. सीरीज लेखक अनुज धर की किताब ‘इंडियाज बिगेस्ट कवर-अप’ पर आधारित थी. कहानी इस सवाल को उठाती है कि क्या वाकई ताइवान विमान दुर्घटना में नेताजी की मौत हुई थी, या फिर सच्चाई कुछ और है. सीरीज में इतिहास, जांच और कल्पना का ऐसा मेल है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है.
ये भी पढ़ें: ‘कितने आदमी थे’ से लकेर ‘जो डर गया…’ तक, रमेश सिप्पी और ‘शोले’ के अमर डायलॉग्स की कहानी
साल 2019 में प्रसारित बंगाली टीवी सीरीज ‘नेताजी’ भी उनके जीवन के शुरुआती दौर पर आधारित थी. इस सीरीज में अभिषेक बोस ने नेताजी की भूमिका निभाई और इसे जी बांग्ला चैनल पर दिखाया गया. कहानी कटक और कोलकाता के उन दिनों को दिखाती है, जब सुभाष चंद्र बोस के मन में देशभक्ति की चिंगारी जली और वे एक सामान्य छात्र से असाधारण नेता बने. यह सीरीज खास तौर पर युवाओं और बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, ताकि वे सरल भाषा में नेताजी की कहानी समझ सकें.
इसी साल रिलीज हुई बंगाली फिल्म ‘गुमनामी’ ने नेताजी के जीवन के सबसे रहस्यमय पहलू को छुआ. फिल्म का निर्देशन श्रीजीत मुखर्जी ने किया था और इसमें प्रोसेनजीत चटर्जी ने नेताजी का किरदार निभाया. फिल्म में न्यायमूर्ति मुखर्जी आयोग की सुनवाई और उससे जुड़े सवालों को भावनात्मक और रहस्यमय अंदाज में दिखाया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के 14 आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम…
Bengaluru Rent 2BHK : बेंगलुरु में एक रेडिट यूजर ने ₹70,000 मासिक किराए वाले 2BHK…
Divya Mittal With Raja Bhaiya: एक वायरल पोस्ट में IAS दिव्या मित्तल प्रतापगढ़ के बाहुबली…
Captain Smit Machhar: फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने…
Yuzvendra Chahal Retirement: टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट…
Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमेनिस्तान की महिला की याचिका खारिज करते हुए…