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धौला कुआं BMW हादसा मामले में दायर चार्जशीट पर पटियाला हाउस ने लिया संज्ञान, गगनप्रीत को पेश होने का दिया आदेश

दिल्ली के धौला कुंआ में हुए बीएमडब्ल्यू हादसा मामले में दायर चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है. न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग ने दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. कोर्ट ने गगनप्रीत को समन जारी कर 2 फरवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 400 पेज के दाखिल चार्जशीट में कई खुलासा हुआ है. इस हादसे में वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह (52) की मौत हो गई थी.

15 मिनट तक जिंदा रहे नवजोत

दायर चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि हादसे के बाद नवजोत कम से कम 15 मिनट तक जिंदा रहे और अगर समय पर मेडिकल मदद मिली होती तो उनकी जान बच जाती. चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ ने पीड़ित को समय रहते जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जानबूझकर देरी की. इसके कारण वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की मौत हो गई.

चार्जशीट में गगनप्रीत के खिलाफ बीएनएस की धारा 105, बीएनएस की धारा 281/ 125बी और बीएनएस कि धारा 238 ए के तहत अपराधों से जोड़ा गया है. यह दुर्घटना 14 सितंबर को करीब डेढ़ बजे हुई, जब गगनप्रीत की बीएमडब्ल्यू एक्स-5 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. कार रिंग रोड पर दिल्ली कैंटोनमेंट मेट्रो स्टेशन के पास एक मेट्रो पिलर से टकरा गई और फिर हरि नगर निवासी नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से जा टकराई.

हादसे के बाद मौके पर पहुंची थी एम्बुलेंस

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि हादसे के तुरंत बाद एक एम्बुलेंस पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन गगनप्रीत ने उनकी मदद लेने से साफ इंकार कर दिया. इतना ही नहीं खुद को कानूनी लड़ाई से बचने के लिए आरोपी महिला ने मामूली चोट होने के बावजूद खुद को उसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवा लिया, ताकि पुलिस पूछताछ से बच सके.

पुलिस का कहना है कि यह सब जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए किया गया था. गगनप्रीत फिलहाल जमानत पर है. जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने सवाल उठाते हुए कहा था एफआईआर 10 घंटे की देरी से दर्ज की गई है. उन्होंने यह भी कहा था कि घटना के लिए 1:38-1:39 बजे पीसीआर कॉल की गई थी. आरोपी का कथित इरादा गलत समझा गया है. वह डॉक्टर नहीं है और उसे यह पता नहीं था कि मरीज को कितना समय बचा है? यह हत्या के अपराध का मामला नहीं है.

कब हुई मौत?

वहीं, स्पेशल पब्लिक प्रॉस्क्यूटर ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी की मंशा घायल को बचाने की नहीं, बल्कि खुद की कानूनी कार्यवाही से बचने की थी. दिल्ली के धौला कुंआ इलाके में 14 सितंबर 2025 को हुए सड़क हादसे में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई.

ये भी पढ़ें: रानी कपूर द्वारा दायर सिविल याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 28 जनवरी को सुनवाई करेगा

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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