प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप (SOUL) से बेहतरीन नेता निकलेंगे, जो विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगे. उन्होंने SOUL की स्थापना को ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्र निर्माण के लिए नागरिकों का विकास बहुत जरूरी है… विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन नेतृत्व का विकास समय की मांग है. यही कारण है कि स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप की स्थापना एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने जानकारी दी कि SOUL का एक बड़ा और अत्याधुनिक कैंपस जल्द ही GIFT सिटी के पास तैयार होगा. उन्होंने कहा, “आज यहां आने से पहले चेयरमैन ने मुझे इसके पूरे मॉडल और प्लान की जानकारी दी. मैं मानता हूं कि यह संस्थान लीडरशिप के साथ आर्किटेक्चर के क्षेत्र में भी नया उदाहरण पेश करेगा.”
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा, “विवेकानंद जी ने कहा था कि अगर उन्हें 100 ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो वे भारत को बदल देंगे. उनका लक्ष्य भारत को गुलामी से बाहर निकालकर उसे आगे बढ़ाना था. वे मानते थे कि अगर उनके पास 100 नेता हों, तो वे भारत को केवल आजादी ही नहीं दिलाएंगे, बल्कि इसे दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे.”
पीएम मोदी ने कहा कि आज 140 करोड़ भारतीय 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. इस स्थिति में, हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ नेतृत्व की जरूरत है, न कि केवल राजनीतिक नेतृत्व की. उन्होंने कहा, SOUL के पास 21वीं सदी के नेतृत्व को विकसित करने का बड़ा अवसर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संस्थान से ऐसे महान नेता निकलेंगे, जो भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में नेतृत्व करेंगे. उन्होंने कहा, “यह संभव है कि यहां से प्रशिक्षित कुछ युवा राजनीति में नई ऊंचाइयों तक पहुंचें.”
गुजरात और महाराष्ट्र के विभाजन की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब गुजरात और महाराष्ट्र के अलग होने का आंदोलन चल रहा था, तब कुछ लोग कहते थे कि गुजरात के पास कोई प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, वहां खनिज, कोयला, पानी कुछ भी नहीं है. लेकिन गुजरात ने नेतृत्व की ताकत से खुद को साबित किया. आज वही गुजरात विकास और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बन चुका है.”
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया, जिसमें भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे भी उपस्थित रहे.
21-22 फरवरी तक चलने वाले इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्म, सार्वजनिक नीति, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गज अपने अनुभव साझा करेंगे. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेरित करना और सफलताओं व असफलताओं से सीखने का अवसर देना है.
SOUL एक आगामी नेतृत्व संस्थान है, जिसे गुजरात में स्थापित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य जनता के कल्याण के लिए सशक्त और प्रतिबद्ध नेताओं को तैयार करना है. यह संस्थान राजनीतिक नेतृत्व के दायरे को बढ़ाने और केवल पारिवारिक विरासत के बजाय योग्यता, समर्पण और जनसेवा के प्रति जुनून रखने वाले लोगों को प्रशिक्षित करने पर जोर देगा.
14 फरवरी को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में SOUL कैंपस के भूमि पूजन का आयोजन किया. यह कैंपस GIFT सिटी रोड के पास 22 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा और अगले दो वर्षों में 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा.
ये भी पढ़ें- SOUL Conclave में बोले भूटान के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी को बताया “मार्गदर्शक और बड़े भाई”
-भारत एक्सप्रेस
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 'भारत एक्सप्रेस' के पास पुलिस की आधिकारिक चार्जशीट…
Premanand Maharaj: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की रहस्यमयी मौत हो गई.…
HC TAKES COGNIZANCE OF BUS FIRE: ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक निजी…
PM MODI HAILS ASIAN GAMES MEDALISTS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया) में…
Captain Amarinder Singh: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने…
उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका को…