पीएम मोदी.
PM Modi Bihar Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 29 और 30 मई को दो दिवसीय बिहार दौरे पर जा रहे है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी बिहार को करोड़ों की सौगात देंगे, जिनमें कई रेल परियोजनाएं भी है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से पहले ही राज्य सरकार की और से रेल यात्रियों के लिए केंद्र से कई और डिमांड कर डाली है. दरअसल प्रधानमंत्री अपने बिहार दौरे के दौरान रेलवे की ओर से कई परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें पटना के हार्डिंग पार्क में प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाना है. 95 करोड़ की इस परियोजना का शिलान्यास होगा.
पसौली-मुठहानी के बीच एफओबी और कर्मनाशा से धनाइछा के बीच एफओबी के निर्माण का शिलान्यास होगा. इसकी लागत 10 करोड़ है. सासाराम से अनुग्रह नारायण रोड के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का लोकार्पण होगा जिसकी लागत 43 करोड़ है.
कजरट नवाडीह से सोननगर के बीच तीसरी लाइन का लोकार्पण होगा जिसकी लागत 803 करोड़ है. बरकी सलाईया रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज का लोकार्पण होगा जिसकी लागत सात करोड़ है. लेकिन पीएम के दौरे से पहले बिहार सरकार ने भारतीय रेलवे बोर्ड से राज्य की रेल सुविधाओं को और बेहतर और सुविधाजनक बनाने के लिए और डिमांड कर डाली है. इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से रेल बोर्ड को छह अहम प्रस्ताव भेजे गए हैं. ये प्रस्ताव शहर के विकास, यात्रियों की सुविधाओं और बढ़ती जनसंख्या की मांगों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं.
इन छह प्रस्तावों में बौद्ध सर्किट रेल कॉरिडोर से लेकर नए रेल पुल, दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार उपनगरीय परिवहन नेटवर्क जैसी कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं.
बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखा है. इस पत्र में बिहार में रेल लाइनों के विस्तार, नई रेल सेवाएं शुरू करने और गंगा नदी पर नए रेल पुल बनाने की बात कही गई है. बिहार सरकार की तरफ से एक रेल कॉरिडोर सहित तीन ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और रेल पुल सहित और अधिक रेल लाइनों की मांग की है. इससे रेल से यात्रा करने वालों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी.
राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में जिन सुविधाओं की मांग की गई है, वे हैं —
पटना-गया-तिलैया-राजगीर-फतुहा के मौजूदा रेल नेटवर्क पर एक सर्कुलर (गोलाकार) ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग है. इससे बोधगया और राजगीर जाने वाले यात्रियों को सुविधा होगी. साथ ही पटना, जहानाबाद, गया, नवादा और नालंदा के लोगों को आसानी से आवागमन का मौका मिलेगा.
बक्सर, भोजपुर, रोहतास, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, भागलपुर, जमुई और बांका के लोगों को पटना से जोड़ने के लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन बनाने और मुंबई की तरह लोकल ट्रेन चलाने की मांग है.
सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा को पटना से जोड़ने के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बनाने का प्रस्ताव है.
सिवान-छपरा-हाजीपुर-बरौनी-कटिहार रेल खंड पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए तीसरी और चौथी लाइन की जरूरत बताई गई है.
फतुहा और बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर एक नया रेल पुल बनाने की मांग है. इसके अलावा, पटना-पटना साहिब-फतुहा-बिदुपुर-हाजीपुर-सोनपुर-पटलीपुत्र-पटना के रूप में एक रीजनल रेल नेटवर्क विकसित करने का सुझाव है. यह फतुहा में बड़े कोचिंग टर्मिनल और माल गोदाम के लिए जरूरी है. साथ ही पटना के आसपास पांच सैटेलाइट टाउन और मल्टी-मॉडल हब बनाने में मदद मिलेगी.
डीडीयू-बक्सर-आरा-पटना-किउल रेल खंड पर यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए तीसरी और चौथी लाइन जल्द से जल्द बनाने की मांग है.
आरा और छपरा के बीच गंगा नदी पर एक नया रेल पुल बनाने की मांग है. इससे शहाबाद और सारण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होगा.
रेल ट्रैक के हिसाब से बिहार में प्रति लाख लोगों पर सिर्फ 5.31 किमी रेल लाइन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 9.81 किमी है. लोग रोजगार, पढ़ाई और इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, जिससे रेल नेटवर्क पर दबाव बढ़ता है. माना जा रहा है कि इन प्रोजेक्ट्स से बिहार का रेल नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर का हो जाएगा.
WhatsApp Android यूजर्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस अपडेट…
UP News: गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन तार…
Kidney Disease and Heart Disease: क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के कारण हाई ब्लड प्रेशर, शरीर…
CJP Leaders Released: CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को SEM कोर्ट से बड़ी…
Retirement Planning Emergency Fund: रिटायरमेंट प्लानिंग में इमरजेंसी फंड बनाना बेहद जरूरी है. अचानक बीमारी…
उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की करीब 900 किलोमीटर लंबी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’…