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‘कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पूंजी’- पीएम मोदी ने शिव स्तुति के साथ दी बधाई, बताया कैसे संकल्प से सिद्ध हो रहे हैं सपने

आज 6 अप्रैल है, यानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का स्थापना दिवस. 1980 में एक छोटे से बीज के रूप में रोपा गया यह संगठन आज 46 साल पूरे कर एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के उन करोड़ों कार्यकर्ताओं को याद किया है, जो चिलचिलाती धूप हो या कड़ाके की ठंड, हमेशा जमीन पर डटे रहते हैं. पीएम मोदी ने साफ कहा कि भाजपा आज जिस ऐतिहासिक ऊंचाई पर है, उसके पीछे किसी एक नेता का जादू नहीं, बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं का ‘दृढ़ संकल्प’ और ‘सेवा-भाव’ है.

दृढ़ संकल्प ही चुनौतियों को बनाती आसान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यकर्ताओं के प्रति अपना आभार जताया. पीएम मोदी ने महादेव की स्तुति के साथ लिखा, “दृढ़ संकल्प वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन चुनौती को भी आसान बना देती है. हमारे परिश्रमी कार्यकर्ता इसके जीवंत उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने समर्पण और सेवा-भाव से भाजपा को इस ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचाया है. पार्टी के स्थापना दिवस पर उन्हें मेरी ढेरों शुभकामनाएं.

उन्होंने आखिर में संस्कृत श्लोक को साझा करते हुए लिखा:
सिद्धिः साध्ये सतामस्तु प्रसादात्तस्य धूर्जटेः.
जाह्नवीफेनलेखेव यन्मूर्ध्नि शशिनः कला॥”
>#47YearsOfNationFirst

क्या है संस्कृत श्लोक का अर्थ?

प्रधानमंत्री अक्सर अपने संदेशों में प्राचीन ज्ञान और आध्यात्मिकता का पुट रखते हैं. इस बार उन्होंने भगवान शिव (धूर्जटि) की स्तुति वाला एक बेहद अर्थपूर्ण श्लोक साझा किया है. इसका भावार्थ है, “उन भगवान शिव की कृपा से हमारे कठिन कार्य और साध्य सिद्ध हों, जिनके मस्तक पर चंद्रमा की कला (चंद्रकला) गंगा की लहरों के झाग की तरह सुशोभित है.”

इस श्लोक के जरिए पीएम मोदी ने यह संदेश दिया है कि जैसे महादेव के आशीर्वाद और अटूट संकल्प से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, वैसे ही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपने परिश्रम से उस दौर में पार्टी को खड़ा किया जब कोई इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता था.

संकल्प से सिद्धि तक का सफर

पीएम मोदी का यह ट्वीट केवल एक बधाई संदेश नहीं है, बल्कि भाजपा की उस कार्यशैली का प्रतिबिंब है जिसे ‘कैडर-बेस्ड’ राजनीति कहा जाता है. चाहे वो अनुच्छेद 370 हटाना हो, भव्य राम मंदिर का निर्माण हो या फिर गरीब कल्याण की योजनाओं को घर-घर पहुंचाना- इन सबके पीछे संगठन की ताकत है.

आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, लेकिन पीएम मोदी बार-बार कार्यकर्ताओं को याद दिलाते हैं कि उन्हें रुकना नहीं है. 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का जो बड़ा लक्ष्य है, उसे पाने के लिए भी वही पुराना ‘सेवा-भाव’ चाहिए जो पार्टी के शुरुआती दिनों में था.

ये भी पढ़ें: ‘सेवा ही संकल्प’, पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की असली ताकत, ‘विकसित भारत’ के लिए भरी हुंकार

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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