आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने गौरवशाली सफर के 46 साल पूरे कर 47वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. 6 अप्रैल 1980 को मुंबई के समंदर किनारे जिस ‘दीपक’ को जलाया गया था, वह आज एक विराट ‘सूरज’ बनकर पूरी दुनिया के राजनीतिक क्षितिज पर चमक रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के करोड़ों कार्यकर्ताओं को नमन किया है. पीएम ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए राजनीति सिर्फ सत्ता हथियाने का जरिया नहीं, बल्कि ‘जनसेवा’ का एक पवित्र मिशन है.
‘इंडिया फर्स्ट’ का सिद्धांत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पार्टी की विचारधारा और कार्यकर्ताओं के संघर्ष को याद करते हुए लिखा, “पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर, पूरे देश भर में मौजूद सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं. हमारी पार्टी हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ (India First) के सिद्धांत से प्रेरित होकर, समाज की सेवा करने में सबसे आगे रही है.
Warm greetings to all BJP Karyakartas across the nation on the party’s Sthapana Diwas.
Our Party has always been at the forefront of serving society, guided by the principle of India First. Our Karyakartas are known for their selfless service, unwavering dedication and a deep…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 6, 2026
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि हमारे कार्यकर्ता अपनी निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरे जुनून के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है, ये सुनिश्चित करते हुए कि ज्यादा से ज्यादा लोग हमारी विचारधारा और कार्यों से जुड़ सकें. हम उन अनगिनत कार्यकर्ताओं को भी याद करते हैं, जिनके समर्पण, बलिदान और दृढ़ता ने दशकों से पार्टी के विकास को आकार दिया है.”
पीएम मोदी ने ये भी कहा, ‘भाजपा एक ऐसी पार्टी के रूप में खड़ी है, जो लोगों के कल्याण को अपने दृष्टिकोण के केंद्र में रखती है. यह हमारे केंद्र और विभिन्न राज्यों में किए गए कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. भाजपा एक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. हमारा सामूहिक संकल्प इस दृष्टिकोण को लगातार आगे बढ़ाता रहे और भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाए.’#47YearsOfNationFirst
कार्यकर्ता: पार्टी की रीढ़ और असली नायक
प्रधानमंत्री के इस संदेश का सबसे अहम हिस्सा ‘कार्यकर्ता’ हैं. अक्सर चुनावी रैलियों में भी पीएम मोदी खुद को एक ‘प्रधान सेवक’ और पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता ही बताते हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में उन अनगिनत लोगों को याद किया जिन्होंने उस दौर में लाठियां खाईं और जेल गए, जब भाजपा का नाम लेने वाले बहुत कम लोग थे. आज अगर भाजपा कन्याकुमारी से कश्मीर तक फैली है, तो उसके पीछे उन ‘पन्ना प्रमुखों’ और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मेहनत है, जो बिना किसी पद के लालच के दिन-रात जमीन पर डटे रहते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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