प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों तथा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात कर वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से बदलते भू-राजनीतिक और तकनीकी परिवेश का सामना कर रहा है. इस बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ अधिक जटिल और बहुआयामी हो गई हैं, जिनका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है.
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है. आज दुनिया आतंकवाद, साइबर अपराध, कट्टरपंथ, सीमा-पार अपराधों तथा नई तकनीकों के दुरुपयोग जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है. इन समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, आपसी विश्वास और समन्वित रणनीति अत्यंत आवश्यक है.
बैठक में साइबर सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया. डिजिटल युग में सरकारी संस्थानों, वित्तीय प्रणालियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. इसलिए ब्रिक्स देशों ने साइबर खतरों से निपटने, तकनीकी क्षमता बढ़ाने और सुरक्षित डिजिटल वातावरण विकसित करने पर बल दिया. इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), डेटा सुरक्षा और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार एवं सुरक्षित उपयोग पर भी चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत अपनी आगामी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान व्यावहारिक और परिणामोन्मुख सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा. भारत का लक्ष्य केवल चर्चा तक सीमित रहने के बजाय ऐसे ठोस कदम उठाना है, जिनसे सदस्य देशों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके. भारत विशेष रूप से ग्लोबल साउथ अर्थात विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की चिंताओं और प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य ऐसा सहयोगी और समावेशी वातावरण तैयार करना होगा, जहाँ सभी देशों की आवाज़ को महत्व मिले और साझा विकास एवं सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए. भारत मानता है कि शांति, स्थिरता और सुरक्षा के बिना सतत विकास संभव नहीं है. इसलिए ब्रिक्स देशों को मिलकर ऐसी नीतियाँ और पहल विकसित करनी चाहिए जो विश्व को अधिक सुरक्षित, स्थिर, न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में योगदान दें.
अंततः यह बैठक इस बात का प्रतीक है कि ब्रिक्स देश वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करने के इच्छुक हैं. भारत की सक्रिय भूमिका और नेतृत्व से संगठन के भीतर सहयोग को नई दिशा मिलने तथा विश्व स्तर पर शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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