देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मशहूर मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी के जरिए देशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से बड़े पैमाने पर जुड़ने का आत्मीय आग्रह किया है. प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज हमारी मां के नाम पर लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ हवा और एक सुंदर व सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी विरासत साबित हो सकता है.
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में आज ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam Campaign) केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति मानव कर्तव्य और जन-भागीदारी का एक विशाल और प्रेरक जन आंदोलन बन चुका है.
प्रधानमंत्री ने देश में जन-शक्ति के अद्भुत संकल्प की मिसाल देते हुए गुजरात और उत्तर प्रदेश के शानदार प्रयासों की खुलकर सराहना की. पीएम मोदी ने बताया कि अहमदाबाद के भाड़ज क्षेत्र में जन-भागीदारी की ऐसी अद्भुत शक्ति दिखी जहां 25 हजार से अधिक स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स और आम नागरिकों ने मिलकर महज एक घंटे के भीतर 3.5 लाख से अधिक पौधे रोप दिए.
इस अभूतपूर्व उपलब्धि को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश का सांसद होने के नाते गर्व महसूस करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि यूपी में 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का अद्भुत और ऐतिहासिक संकल्प पूरा किया गया है.
संबोधन के दौरान पर्यावरण संतुलन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने गिर के जंगलों से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और सुखद खबर साझा की. उन्होंने बताया कि गुजरात के प्रसिद्ध गिर के जंगलों में करीब 60 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद ‘इंडियन ग्रे हॉर्नबिल’ पक्षी फिर से अपना बसेरा बना रहा है.
हॉर्नबिल का महत्व समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पक्षी को सही मायनों में ‘जंगल का किसान’ कहा जाता है, क्योंकि यह जंगलों में फल खाकर उनके बीजों को दूर-दूर तक फैलाता है, जिससे नए पेड़ उगते हैं और पूरा जंगल खुद-ब-खुद हरा-भरा होता चला जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश के अंत में देश के हर नागरिक से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने जीवन के किसी न किसी विशेष अवसर-जैसे जन्मदिन, सालगिरह या किसी यादगार क्षण को-प्रकृति और पर्यावरण से जरूर जोड़ें. उन्होंने सभी से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का वचन मांगा.
पीएम मोदी ने कहा कि जब समाज का हर व्यक्ति इस भावना से जुड़ेगा तो हम न केवल जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकेंगे, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा और शुद्ध वातावरण वाला भारत सौंप सकेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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