आज देश भर में ‘जन औषधि दिवस’ (Jan Aushadhi Diwas 2026) मनाया जा रहा है. यह दिन न केवल सस्ती दवाओं का उत्सव है, बल्कि उस भरोसे का भी प्रतीक है जिसने करोड़ों भारतीय परिवारों के ‘आउट ऑफ पॉकेट’ (जेब से होने वाले) स्वास्थ्य खर्च को काफी हद तक कम कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खास मौके पर उन सभी लाभार्थियों और केंद्र संचालकों को बधाई दी है, जो इस अभियान को सफल बना रहे हैं. पीएम ने जोर देकर कहा कि ‘जन औषधि’ अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुकी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में इस योजना के प्रभाव को साझा करते हुए लिखा, ‘जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं.’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘यह पहल गुणवत्तापूर्ण दवाओं को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. जन औषधि केंद्रों के माध्यम से अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं.’
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) की सबसे बड़ी खूबी इसकी विश्वसनीयता है. अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता था कि सस्ती दवाएं बेअसर होती हैं, लेकिन जन औषधि केंद्रों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है. आज देश के कोने-कोने में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र संचालित हैं, जहां दवाएं बाजार मूल्य से 50% से 90% तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं.
सांख्यिकीय आंकड़ों की बात करें तो, पिछले कुछ वर्षों में इस योजना की वजह से आम नागरिकों ने दवाओं पर होने वाले खर्च में लगभग 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है. यह पैसा सीधे मध्यम और गरीब वर्ग की जेब में बचा है, जिसका उपयोग वे बच्चों की शिक्षा या अन्य जरूरी कामों में कर पा रहे हैं.
इस योजना का एक बड़ा प्रभाव महिला स्वास्थ्य पर पड़ा है. जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपये में उपलब्ध ‘सुविधा’ सेनेटरी नैपकिन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा की है. साथ ही, ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगों जैसी पुरानी बीमारियों की दवाएं यहां इतनी सस्ती हैं कि बुजुर्गों को अब अपनी सेहत के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.
सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक इन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने का है. यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार है, बल्कि हजारों युवाओं और फार्मासिस्टों के लिए स्वरोजगार (Self-employment) का एक बड़ा जरिया भी बन रहा है.
ये भी पढ़ें: विधायक गोविंद परमार के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख, बोले- ‘समाज सेवा को थे समर्पित’
-भारत एक्सप्रेस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित बयान ने नोबेल शांति पुरस्कार और पुलित्जर पुरस्कार को…
IMD Weather Alert के मुताबिक, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत 9 राज्यों…
सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के तेल ठिकाने…
आज 22 अक्टूबर 2026 को वृद्धि योग के प्रभाव से मेष, धनु, वृश्चिक और कुंभ…
22 अक्टूबर 2026 को पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के…
Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि वालों के लिए आज कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती…