लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस का संबोधन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसा किया, जिसने वहां मौजूद स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए इस खास दिन को और यादगार बना दिया. औपचारिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री सीधे उन बच्चों, एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ के स्वयंसेवकों के बीच पहुंच गए, जो समारोह में मौजूद थे.
आमतौर पर ऐसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा और प्रोटोकॉल की वजह से प्रधानमंत्री का आम लोगों के बीच इस तरह पहुंचना आसान नहीं होता. लेकिन इस मौके पर पीएम मोदी ने काफिले को रुकवाया और युवाओं से मिलने के लिए पैदल ही उनकी ओर बढ़ गए. उन्हें अपनी तरफ आता देखकर बच्चों में उत्साह साफ नजर आया. कई बच्चे प्रधानमंत्री को अपने बीच देखकर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाने लगे.
इस मुलाकात के दौरान एक छोटा सा पल वहां मौजूद लोगों के लिए खास बन गया. एक बच्ची प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान जताने के लिए उनके चरण छूने के लिए झुकी. इसी दौरान उसके सिर पर लगी टोपी नीचे गिर गई. प्रधानमंत्री की नजर जैसे ही टोपी पर पड़ी, उन्होंने खुद झुककर उसे उठाया. इसके बाद उन्होंने बड़े सहज अंदाज में बच्ची के सिर पर वह टोपी वापस पहना दी. यह पूरा दृश्य बेहद स्वाभाविक था. आसपास मौजूद बच्चों और लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई. यह कोई लंबा औपचारिक संवाद नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री का यह छोटा सा व्यवहार वहां मौजूद बच्चों के लिए खास बन गया.
प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच पहुंचकर कई बच्चों और कैडेटों से हाथ मिलाया. उन्होंने उनसे संक्षिप्त बातचीत की और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री को इतने करीब से देखने और उनसे मिलने का मौका पाकर युवा प्रतिभागियों में खासा उत्साह दिखाई दिया.
बाद में कुछ बच्चों ने मीडिया से बातचीत में इस मुलाकात को अपने लिए बेहद रोमांचक अनुभव बताया. उनके लिए स्वतंत्रता दिवस का समारोह पहले ही खास था, लेकिन प्रधानमंत्री से इस तरह आमने-सामने मिलने से यह दिन और भी यादगार हो गया.
प्रधानमंत्री का युवाओं के बीच पहुंचना उनके स्वतंत्रता दिवस भाषण में दिए गए संदेश से भी जुड़ा नजर आया. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए कई बड़े कार्यक्रमों की बात की.
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की. इसके साथ ही देशभर में खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करने की बात कही. प्रधानमंत्री ने करीब एक करोड़ जेन-जी युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने का भी लक्ष्य सामने रखा.
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-भारत एक्सप्रेस
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