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अब डच यूनिवर्सिटी में पढ़ना होगा आसान! PM मोदी की यात्रा से भारतीय छात्रों और किसानों की खुली किस्मत

PM Modi Netherlands Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की हालिया नीदरलैंड्स यात्रा भारत-डच संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है. इस यात्रा के दौरान अर्थव्यवस्था, तकनीक और विरासत जैसे 17 प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक समझौतों पर मुहर लगी है.

प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा में सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और कृषि जैसे 17 प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक समझौते हुए. यात्रा के दौरान चोल काल की ऐतिहासिक तांबे की प्लेटों की वापसी हुई और वीजा नियमों को आसान बनाने पर सहमति बनी. इन समझौतों से ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलेगी.

रणनीतिक रोडमैप और विरासत की वापसी

भारत और नीदरलैंड्स ने ‘रणनीतिक साझेदारी 2026-2030’ के लिए एक साझा रोडमैप तैयार किया है. इसका उद्देश्य निवेश, सुरक्षित भोजन, स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है. इस यात्रा की सबसे भावुक उपलब्धि चोल काल की तांबे की प्लेटों की भारत वापसी रही, जो ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को जीवंत करती है.

साथ ही, प्रवासन और गतिशीलता समझौते से अब भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए डच वीजा प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी.

तकनीक और ऊर्जा में बड़ी छलांग

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सेमीकंडक्टर और ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच सहयोग से गुजरात के धोलेरा में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा, भारत को ग्लोबल ग्रीन हाइड्रोजन हब (Global green hydrogen hub) बनाने के लिए एक विशेष रोडमैप और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन पर सहमति बनी है.

नीति आयोग और डच सरकार मिलकर ऊर्जा संक्रमण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में साझा परियोजनाओं पर काम करेंगे.

कृषि, डेयरी और शिक्षा का विकास

किसानों की आय बढ़ाने के लिए पश्चिम त्रिपुरा में ‘फ्लावर एक्सीलेंस सेंटर’ (Flower Excellence Center) और बेंगलुरु में ‘डेयरी ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Dairy Training Center of Excellence) की स्थापना की जाएगी. स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध और कस्टम्स समझौतों से द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाया जाएगा.

शिक्षा के क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच सहयोग से भारतीय छात्रों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा, जबकि पुरातत्व सर्वेक्षण और लीडेन यूनिवर्सिटी मिलकर चोल इतिहास पर शोध को आगे बढ़ाएंगे.

यह भी पढ़ें:  आजादी के बाद से गुजरात का औद्योगिक विकास बेमिसाल, अमित शाह ने बताया 15000 करोड़ के निवेश का पूरा प्लान

-भारत एक्सप्रेस 

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

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