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पीएम मोदी ने महाराजा कर्नल बीर बिक्रम किशोर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, बोले- त्रिपुरा के विकास में निभाई अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणिक्य वंश के महाराजा कर्नल बीर बिक्रम किशोर माणिक्य देबबर्मन बहादुर (Maharaja Bir Bikram) की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा- त्रिपुरा के विकास में उनके अनुकरणीय प्रयासों के लिए उन्हें याद किया जाता है.

Maharaja Bir Bikram को दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने लिखा- “महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जी (Maharaja Bir Bikram) को उनकी जयंती पर नमन. त्रिपुरा के विकास में उनके अनुकरणीय प्रयासों के लिए उन्हें याद किया जाता है. जनसेवा के प्रति उनका जुनून, गरीबों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और सामाजिक उत्थान के प्रति समर्पण हमें निरंतर प्रेरित करते रहते हैं. केंद्र सरकार और त्रिपुरा सरकार उनके इस सपने को साकार करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं.”

कौन थे महाराजा बीर बिक्रम?

माणिक्य वंश के महाराजा कर्नल बीर बिक्रम किशोर माणिक्य देबबर्मन बहादुर (1908-1947) (Maharaja Bir Bikram) को व्यापक रूप से त्रिपुरा के अग्रणी राजा के रूप में माना जाता है. वह अगस्त 1923 में अपने पिता बीरेंद्र किशोर माणिक्य देबबर्मन के उत्तराधिकारी बने. उनके बेटे महाराजा किरीट बिक्रम किशोर, वर्ष 1949 में भारत में राज्य के विलय होने तक दो वर्ष के लिये राजा रहे, लेकिन उन्होंने शासन नहीं किया क्योंकि वह नाबालिग थे.

उन्होंने त्रिपुरा के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्हें त्रिपुरा में आधुनिक वास्तुकला के पिता के रूप में जाना जाता है उनके शासन के दौरान वर्तमान त्रिपुरा की पूरी योजना शुरू की गई थी.

यह भी पढ़ें- “हम कांग्रेस का पाप धोते-धोते थक गए हैं”, PM Modi का बड़ा हमला, बोले- नेहरू ने देश का पानी पाकिस्तान को दिया

वह भूमि सुधार के अग्रदूत थे. वर्ष 1939 में उन्होंने त्रिपुरा आदिवासियों के लिये भूमि आरक्षित की। बाद में इस कदम ने त्रिपुरा स्वायत्त ज़िला परिषद के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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