देश

मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण की पीएम मोदी ने की तारीफ, ‘पंच परिवर्तन’ को बताया समाज के लिए अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण की सराहना की है. उन्होंने भागवत के संबोधन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इसमें देश की तरक्की, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और समाज को मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी ने खास तौर पर सेवा, राष्ट्र निर्माण और संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान का जिक्र किया.

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने लिखा कि नागपुर में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे. मोदी के मुताबिक, भाषण में समाज को एकजुट रखने और देश को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी पहलुओं को प्रमुखता दी गई.

सेवा और राष्ट्र निर्माण पर रहा जोर

पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सेवा और राष्ट्र निर्माण संघ के स्वयंसेवकों के जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं. मोहन भागवत ने भी अपने संबोधन में इन दोनों विषयों पर विशेष जोर दिया. प्रधानमंत्री ने ‘पंच परिवर्तन’ का उल्लेख करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया.

दरअसल, नागपुर में आरएसएस के स्थापना दिवस पर हर साल विजयादशमी का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. इस बार का आयोजन संगठन के 100 साल पूरे होने के अवसर पर खास रहा. मोहन भागवत ने इस मौके पर बीते एक साल के दौरान शताब्दी समारोह के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विजयादशमी का यह आयोजन साल भर चली गतिविधियों के समापन का प्रतीक है.

क्या है आरएसएस का ‘पंच परिवर्तन’?

अपने भाषण में मोहन भागवत ने ‘पंच परिवर्तन’ को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, राष्ट्रीय प्रगति को गति देने और लोगों के व्यवहार में सुधार करने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बताया. इस पहल के तहत पांच प्रमुख विषयों पर ध्यान देने की बात कही गई है.

इनमें सामाजिक समरसता, परिवार में अच्छे संस्कार और आपसी संवाद को बढ़ावा देना, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, अपनी संस्कृति और पहचान को समझना तथा स्वदेशी को अपनाना शामिल है. इसके साथ ही नागरिक अनुशासन को भी महत्वपूर्ण माना गया है.

भागवत का कहना था कि इन विषयों की जरूरत केवल भारत तक सीमित नहीं है. दुनिया के कई देशों में भी परिवार, पर्यावरण और नागरिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है. उनके मुताबिक, इन बदलावों का महत्व आम लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है, इसलिए इन्हें समझना मुश्किल नहीं है.

केवल अभियान नहीं, जीवन का हिस्सा बनाने की अपील

मोहन भागवत ने यह भी साफ किया कि ‘पंच परिवर्तन’ को केवल एक साल तक चलने वाले कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनका जोर इस बात पर था कि समाज में बदलाव लाने के लिए लोगों को अपने रोजमर्रा के व्यवहार में सुधार करना होगा.

उन्होंने स्वयंसेवकों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी इन विचारों को अपने जीवन में उतारने की अपील की. मसलन, परिवार में बेहतर तालमेल बनाए रखना, पर्यावरण की रक्षा करना, समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच सद्भाव बढ़ाना और नियमों का पालन करना ऐसे कदम हैं, जिनसे बदलाव की शुरुआत घर और आसपास से हो सकती है.

यह भी पढ़ें: रावण की आंखों से बरसेंगे अंगारे, नाभि पर चलेगा चक्र: जानिए देश में कहां-कहां दिखेंगे दशहरे पर सबसे अनोखे दशानन

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

जमीअत हिमायतुल इस्लाम का बड़ा संगठनात्मक फैसला: उत्तर प्रदेश कमेटी भंग, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा जल्द

राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ारी अबरार जमाल ने संगठन को मजबूत करने के लिए लिया निर्णय, पूर्व…

10 minutes ago

ब्रिटेन और फ्रांस के बीच घिरा था सियाम, फिर भी गुलाम नहीं बना थाईलैंड; जानिए आजादी की दिलचस्प कहानी

ब्रिटेन और फ्रांस जैसी बड़ी औपनिवेशिक ताकतों से घिरे होने के बावजूद थाईलैंड आखिर कैसे…

15 minutes ago

मुजफ्फरनगर में MBBS छात्रा ने किया सुसाइड, फंदे से कमरे में लटका मिला शव

मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा शगुन सैनी ने…

20 minutes ago

क्या है दशहरे की तरह रूस में मनाए जाने वाला मस्लेनित्सा? जानें 400 साल पुराने कहानी

Russian Maslenitsa Tradition Like Dussehra: दशहरे की तरह रूस में भी पुतला जलता है. जानिए…

30 minutes ago

बदन पर खाकी, हरकतों से अपराधी! पंडाल में ASI ने वालंटियर से की छेड़छाड़, जानें फिर क्या हुआ?

कोलकाता के सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल में 21 वर्षीय महिला वालंटियर से छेड़छाड़ के…

39 minutes ago

कहीं कॉकरोच तो कहीं दिमागी नक्सल..! दिल्ली में रावण पुतले के साथ दिखेंगे ये नजारे

दिल्ली में दशहरा 2026 पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच…

46 minutes ago