Dussehra 2026 Ravan Dahan: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व ‘विजयादशमी’ (दशहरा) 20 अक्टूबर को देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में इस बार का दशहरा मेला ऐतिहासिक होने जा रहा है.
शहर के श्री सनातन धर्म महावीर दल द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस महोत्सव का यह गौरवशाली 75वां वर्ष (अमृत महोत्सव) है. इस पावन अवसर पर दशहरा ग्राउंड में 70 फीट ऊंचे लंकापति रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों के दहन की भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
3D इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी: आंखों से अंगारे और नाभि से घूमेगा चक्र
श्री सनातन धर्म महावीर दल के पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष रावण दहन को आधुनिक तकनीक और रोमांचक 3D इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी के संगम से तैयार किया गया है.
जब श्रीराम का बाण रावण की नाभि पर लगेगा, तो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए रावण की नाभि से एक तेज घूमता हुआ अग्नि-चक्र निकलता हुआ दिखाई देगा.
इसके साथ ही दशानन की दोनों आंखों से अंगारे और लाल चिंगारियां बरसती हुई नजर आएंगी, जो बुराई के अंत का प्रतीकात्मक दृश्य प्रस्तुत करेंगी.
रावण के 70 फीट के पुतले के अलावा कुंभकर्ण का पुतला करीब 65 फीट और मेघनाद का पुतला 60 फीट ऊंचा बनाया गया है. सुरक्षा और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखते हुए डिजिटल और नियंत्रित ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठेगा.

देश के अन्य हिस्सों में अजब-गजब रावण दहन और सबसे ऊंचे पुतले
दशहरे के पावन अवसर पर देश के अलग-अलग कोनों में रावण दहन की अनूठी परंपराएं और गगनचुंबी पुतले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं:
दिल्ली (द्वारका और लाल किला मैदान): राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में इस वर्ष भी 200 फीट से अधिक ऊंचा देश का सबसे गगनचुंबी रावण पुतला तैयार किया गया है, जिसे देखने हजारों की तादाद में लोग पहुंचते हैं. वहीं लाल किला मैदान में आधुनिक लेजर लाइट और क्रेन-गाइडेड रिमोट सिस्टम से दहन की भव्य व्यवस्था की गई है.
कोटा (राजस्थान) का राष्ट्रीय दशहरा मेला: राजस्थान के कोटा में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक राष्ट्रीय दशहरा मेले में 80 फीट से अधिक ऊंचे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले खड़े किए जाते हैं. यहां रावण की मूंछें फड़कने, हंसी की गूंज और आंखों से अंगारे निकलने की दशकों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत है.
हरियाणा (पंचकूला और बराड़ा): हरियाणा के पंचकूला और बराड़ा में पर्यावरण-अनुकूल इको-फ्रेंडली विशालकाय पुतले आकर्षण का केंद्र रहते हैं. यहां 150 से 170 फीट ऊंचे पुतले को इलेक्ट्रॉनिक स्विच और रिमोट कंट्रोल की मदद से चरणबद्ध तरीके से अग्नि दी जाती है.
मुंबई और नवी मुंबई: महाराष्ट्र के उपनगरों में इस बार 100 फीट से ऊंचे पुतले खड़े किए गए हैं. दहन से पूर्व अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर बनाई गई झांकी और भव्य रामलीला का मंचन किया जाता है.
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