PM Modi on Urban Naxal: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद सनसनीखेज चेतावनी जारी की. पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भले ही सुरक्षा बलों ने जंगलों में बंदूक उठाने वाले नक्सलियों की कमर तोड़ दी हो, लेकिन देश के भीतर छिपे ‘दिमागी नक्सल’ (Urban Naxals) अब भी घात लगाकर सही मौके की तलाश में हैं. देश को इस हिंसक विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने वाले चेहरे पहचानने होंगे. इसके साथ ही, पीएम मोदी ने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए निर्णायक जंग का शंखनाद किया.
लाल किले से दहाड़ते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आगाह किया कि बंदूक थामने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने ऐतिहासिक और बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जंगलों में हिंसक नक्सलवाद भले कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसकी खोखली और नफरती विचारधारा को समाज में फैलाने वाले ‘दिमागी नक्सल’ अब भी सक्रिय हैं. वे मौके की तलाश में रहते हैं. इस चुनौती को कम आंकने की भूल नहीं की जा सकती.”
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले चार दशकों से देश की एक बड़ी आबादी और युवा पीढ़ी माओवादी हिंसा की आग में जल रही थी. नक्सलियों के खूनी खेल ने अनगिनत मासूमों और होनहार युवाओं का भविष्य तबाह किया. लेकिन अब भारत उस काले दौर से पूरी तरह बाहर निकल रहा है. सरकार की कड़ी नीतियों की वजह से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा थमी है और वहां अब तेजी से स्कूल, सड़कें, अस्पताल और विकास का उजाला पहुंच रहा है.
प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपील (PM Modi on Urban Naxal) की कि जो लोग वैचारिक रूप से युवाओं के दिमाग में जहर घोलने का काम करते हैं, उन्हें बेनकाब करना समय की मांग है. पीएम ने कहा कि देश की अखंडता और शांति के लिए यह बेहद जरूरी है कि ऐसी सोच रखने वाले लोगों को समाज से पूरी तरह अलग-थलग किया जाए ताकि वे किसी भी युवा को भटका न सकें.
यह भी पढ़ें: गांव-गांव खोजे जाएंगे 5 से 15 साल के धुरंधर, पीएम मोदी का बड़ा ऐलान; जानिए क्या है ‘स्पोर्ट्स टैलेंट हंट’?
आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ पीएम मोदी ने युवाओं को दीमक की तरह चाट रहे नशे के कारोबार पर भी लाल किले से करारा प्रहार किया. उन्होंने ‘नशा मुक्त भारत’ का विजन सामने रखते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ सीमा पर हथियारबंद दुश्मनों से निपटने तक सीमित नहीं है. युवाओं को नशे की दलदल और हिंसा के रास्ते से खींचकर विकास की मुख्यधारा में जोड़ना देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए उन्होंने समाज के हर वर्ग को साथ आने का आह्वान किया.
-भारत एक्सप्रेस
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…
Pawan Hangman on Saurabh Rajput murder convicts death sentence: मेरठ के सौरभ 'नीला ड्रम' हत्याकांड…
Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…
दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…