देश

‘जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विद्यमान हैं…’, पीएम मोदी ने मां स्कंदमाता की स्तुति में साझा किया खास मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मां स्कंदमाता को नमन किया. गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी की स्तुति में संस्कृत का एक श्लोक साझा किया. इसके जरिए उन्होंने मां की शक्ति और महिमा का स्मरण किया. प्रधानमंत्री की इस पोस्ट में देवी के उस स्वरूप का वर्णन है, जो संसार के सभी प्राणियों में शक्ति बनकर विद्यमान है.

पीएम मोदी ने साझा किया देवी की स्तुति का श्लोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।” यह श्लोक देवी की आराधना से जुड़ा है. इसका सरल हिंदी अर्थ है कि जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में मौजूद हैं, उन्हें बार-बार नमस्कार है.

यह स्तुति दुर्गा सप्तशती, जिसे देवी महात्म्य भी कहा जाता है, के पांचवें अध्याय से संबंधित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसमें देवताओं ने देवी के विभिन्न स्वरूपों और उनकी शक्तियों का गुणगान किया है. देवी को सृष्टि की ऊर्जा और सामर्थ्य का आधार मानते हुए उनकी वंदना की गई है.

कौन हैं मां स्कंदमाता?

नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है. स्कंद की माता होने के कारण देवी को स्कंदमाता कहा जाता है.

मां स्कंदमाता की प्रतिमा में भगवान कार्तिकेय बाल रूप में उनकी गोद में विराजमान दिखाई देते हैं. देवी का वाहन सिंह है और उन्हें कमल के आसन पर बैठे हुए दर्शाया जाता है. इसी वजह से उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है. मां की चार भुजाएं हैं और उनके दो हाथों में कमल के फूल सुशोभित रहते हैं. उनके अन्य हाथों में वरमुद्रा या अभयमुद्रा दिखाई देती है.


ये भी पढें: पीएम मोदी से मिलीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद: व्यापार, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को पक्का करने पर मंथन


पूजा में पीले रंग और केले का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता को पीला रंग प्रिय है. इस दिन भक्त पूजा के दौरान पीले फूल अर्पित करते हैं और केले का भोग लगाते हैं. श्रद्धालु मां से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और संतान की खुशहाली की कामना करते हैं.

मान्यता है कि सच्चे मन से स्कंदमाता की आराधना करने से जीवन में सकारात्मकता आती है. आध्यात्मिक परंपराओं में उनकी उपासना को विशुद्ध चक्र से भी जोड़ा जाता है. भक्त मां की पूजा करके सुख, शांति और मोक्ष की कामना करते हैं. नवरात्रि के इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा होती है और श्रद्धालु मां के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

नवरात्रि में हिंदू मंदिर पर खूनखराबे की साजिश; 300 गोलियां लेकर पहुंचा युवक, टल गया बड़ा हादसा

Chicago Hindu Temple Attack Plot: अमेरिका के इलिनोइस में एक 19 वर्षीय युवक को हिंदू…

4 minutes ago

IISc Genetic Course: आईआईएससी ने शुरू किया जेनेटिक इंजीनियरिंग कोर्स, फटाफट करें अप्लाई

Genetic Engineering Course: साइंस के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. IISc बैंगलोर ने 'एडवांसेस…

5 minutes ago

महाराष्ट्र में सुबह-सुबह कांपी धरती, हिंगोली में भूकंप के झटकों से लोगों की खुली नींद

Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 15 अक्टूबर 2026 की सुबह 2.9 तीव्रता का…

44 minutes ago

बिग बॉस के घर में अब नहीं होगी नकुल ढुल की वापसी! इंस्टा स्टोरी ने कर दिया सब कुछ साफ

बिग बॉस 20 से बाहर आते ही सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नकुल ढुल (मीठू डॉन) ने…

48 minutes ago

Explainer: आलू-टमाटर सस्ते, प्याज 108% महंगा; आंकड़ों और बाजार के बीच इतना फर्क क्यों?

Onion Price Inflation: प्याज की महंगाई दर 108.09% पहुंच गई है लेकिन दिलचस्प बात यह…

1 hour ago