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‘तस्वीरों से आगे, जमीनी शांति की दरकार…’ ब्रिक्स सम्मेलन के बीच जानिए क्या भारत-चीन रिश्तों में घुलेगी मिठास

राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बड़े कूटनीतिक आयोजन में दुनिया भर की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी हैं. सवाल यही है कि क्या इस बहुपक्षीय मंच से भारत-चीन सीमा (LAC) पर जारी तनाव को कम करने का कोई नया रास्ता निकलेगा?

LAC की असली परीक्षा

भारत मंडपम में दोनों शीर्ष नेताओं का एक साथ दिखना कूटनीतिक रूप से बेहद अहम है. हालांकि, केवल एक शिखर सम्मेलन या नेताओं की हाथ मिलाती तस्वीरें सीमा विवाद को रातों-रात हल नहीं कर सकतीं.

अक्टूबर 2024 में देपसांग और डेमचोक जैसे विवादित बिंदुओं पर पेट्रोलिंग को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति एक बड़ा कदम जरूर थी, लेकिन विस्थापित (Disengagement) होना और पूरी तरह तनाव खत्म होना दो अलग बातें हैं. असली सवाल यह है कि क्या इस सम्मेलन के जरिए दोनों देशों की सेनाओं को बॉर्डर पर शांति बनाए रखने का ठोस राजनीतिक जनादेश मिलेगा?

BRICS की मजबूरी और सीमा विवाद

ब्रिक्स एक बहुपक्षीय मंच है, जिसका मुख्य ध्यान आर्थिक सहयोग, टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल साउथ की आवाज बनने पर है. यह कोई द्विपक्षीय सीमा वार्ता का मंच नहीं है, इसलिए सम्मेलन के आधिकारिक घोषणापत्र में LAC का जिक्र होना नामुमकिन है.

लेकिन ऐसे मंचों का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि तनाव के माहौल में भी नेताओं को साइडलाइंस (अलग से) बात करने का मौका मिल जाता है. अगर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच औपचारिक या अनौपचारिक वार्ता होती है, तो इसका असर आने वाले दिनों में सैन्य और कूटनीतिक बातचीत पर साफ दिखेगा.

चीन और भारत के अपने-अपने हित

भारत का रुख: भारत का हमेशा से साफ मानना है कि जब तक सीमाओं पर शांति नहीं होगी, तब तक चीन के साथ बाकी रिश्ते पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकते.

चीन की रणनीति: चीन ब्रिक्स को पश्चिमी देशों के मुकाबले एक मजबूत मंच मानता है और वह भारत के साथ संबंधों में स्थिरता तो चाहता है, लेकिन सीमा विवाद पर किसी बहुत बड़े समझौते की जल्दबाजी में नहीं दिखता.

यह भी पढ़ें: तेजस्वी का एनडीए सरकार पर तीखा हमला, कहा- बिहार में कानून-व्यवस्था खत्म, अपराधियों को मिल रहा सरकार का संरक्षण

-भारत एक्सप्रेस

Prashant Kumar

CEO – Bharat Express Digital Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products. At Bharat Express, he leads digital transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.

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