प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 (ET World Leaders Forum 2025) को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसंधान देश की प्रगति का एक प्रमुख स्तंभ है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात करके एक मील का पत्थर हासिल करने के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा कि आयातित अनुसंधान अस्तित्व के लिए पर्याप्त हो सकता है, लेकिन यह भारत की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकता.उन्होंने अनुसंधान के क्षेत्र में तत्परता और केंद्रित मानसिकता की आवश्यकता पर बल दिया, और इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम किया है और आवश्यक नीतियों और प्लेटफार्मों को लगातार विकसित किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ET World Leaders Forum 2025 में बताया कि “2014 तक भारत का ऑटोमोबाइल निर्यात लगभग 50,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष था, और आज भारत प्रति वर्ष 1.2 लाख करोड़ रुपये मूल्य के ऑटोमोबाइल निर्यात करता है. उन्होंने कहा कि भारत अब मेट्रो कोच, रेल कोच और रेल इंजनों का निर्यात भी करने लगा है.उन्होंने कहा, “मैं आपको भारत की एक और सफलता के बारे में बताना चाहता हूं . भारत अब दुनिया के 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात करने जा रहा है. इससे जुड़ा एक बहुत बड़ा कार्यक्रम भी दो दिन बाद 26 अगस्त को हो रहा है.”
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब किसी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत होती है, उसकी नींव मज़बूत होती है, तो उसका असर सभी क्षेत्रों पर दिखाई देता है. उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने 15 अगस्त के अपने संबोधन में इस पर विस्तार से चर्चा की थी, और हालाँकि वे उन बिंदुओं को दोहराना नहीं चाहेंगे, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास और उसके बाद के घटनाक्रम भारत की विकास गाथा के उदाहरण हैं.
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि अकेले जून 2025 में ईपीएफओ डेटाबेस में 22 लाख औपचारिक नौकरियां जोड़ी गईं – जो किसी भी एक महीने के लिए अब तक की सबसे अधिक संख्या है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 2017 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर है और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में भारत की सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता लगभग 2.5 गीगावाट थी और नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि यह क्षमता अब 100 गीगावाट के ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच गई है.उन्होंने कहा कि दिल्ली हवाई अड्डा वैश्विक हवाई अड्डों के विशिष्ट सौ मिलियन से अधिक क्लब में शामिल हो गया है, इसकी वार्षिक यात्री संचालन क्षमता अब 100 मिलियन से अधिक हो गई है, जिससे यह इस विशिष्ट समूह में दुनिया भर के केवल छह हवाई अड्डों में शामिल हो गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ऐसा देश नहीं है जो ठहरे हुए पानी में कंकड़ फेंकने का आनंद लेता है, बल्कि वह ऐसा देश है जिसमें तेज बहाव वाली धाराओं को पुनः निर्देशित करने की ताकत है.उन्होंने कहा, ” रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलने वाला भारत आज दुनिया को धीमी विकास दर से बाहर निकालने की स्थिति में है. हम वो लोग नहीं हैं जो ठहरे हुए पानी के किनारे बैठकर कंकड़ फेंकते हैं. हम वो लोग हैं जो तेज बहती धारा को मोड़ सकते हैं.”
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-भारत एक्सप्रेस
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